दार्जिलिंग की नम आंखें: इंडियन आइडल विनर प्रशांत तमांग को आखिरी विदाई, हर दिल में बस गई यादें

प्रशांत तमांग: दार्जिलिंग का वो सितारा जो हमेशा दिलों में जिंदा रहेगा-दार्जिलिंग इन दिनों गहरे शोक में डूबा हुआ है। इंडियन आइडल सीजन 3 के विजेता और अभिनेता प्रशांत तमांग के निधन ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। उनके अंतिम संस्कार में चौरस्ता पर उमड़ी भारी भीड़ ने उनके प्रति गहरी श्रद्धा और प्यार दिखाया। आइए जानते हैं उनके जीवन, संघर्ष और उनके जाने के बाद का भावुक माहौल।
दार्जिलिंग में भारी शोक, चौरस्ता पर उमड़ी भीड़-जब प्रशांत तमांग का पार्थिव शरीर चौरस्ता पहुंचा, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। लोग हाथ जोड़कर खड़े थे और खामोशी से अपने प्रिय गायक को अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे थे। यह दृश्य पूरे शहर के लिए एक बड़ी क्षति का प्रतीक था, जहां हर कोई अपने चहेते कलाकार को खोने का गम मना रहा था।
प्रशांत तमांग को दी गई भावुक अंतिम विदाई-अंतिम दर्शन के दौरान प्रशांत के फैंस के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। उनके फोटो हाथों में लिए लोग श्रद्धांजलि दे रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे पूरा शहर किसी अपने को खो देने का दर्द झेल रहा हो। हर चेहरा उदास था और हर दिल में यही सवाल था कि इतनी जल्दी क्यों चले गए।
पत्नी मार्था और बेटी का टूटता दिल-श्रद्धांजलि के समय प्रशांत की पत्नी मार्था एले और उनकी छोटी बेटी पार्थिव शरीर के पास खड़ी थीं। दोनों का दर्द देखकर वहां मौजूद हर कोई भावुक हो उठा। उनकी आंसुओं भरी आंखें और टूटता हुआ दिल हर किसी को अंदर तक छू गया। यह पल सभी के लिए बेहद संवेदनशील था।
नन्ही बेटी का आखिरी अलविदा-zसोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें प्रशांत की मासूम बेटी अपने पिता को आखिरी बार देख कर रो रही थी। यह दृश्य हर किसी के दिल को छू गया। लोगों ने इस वीडियो पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लिखा कि यह पल दिल को झकझोर देने वाला था।
11 जनवरी 2026 को हुआ अचानक निधन-मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रशांत तमांग का निधन 11 जनवरी 2026 को दिल्ली में हुआ। उनकी पत्नी मार्था ने बताया कि उनकी मौत स्वाभाविक कारणों से हुई और वे रात में सोते समय इस दुनिया से चले गए। उनके अचानक चले जाने से परिवार और संगीत जगत दोनों में गहरा सदमा है।
बागडोगरा एयरपोर्ट से दार्जिलिंग तक श्रद्धांजलि का सिलसिला-निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर बागडोगरा एयरपोर्ट लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। दार्जिलिंग तक जाते हुए रास्ते भर लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर अपने प्रिय गायक को श्रद्धांजलि देते रहे। हर हाथ जुड़ा था और हर आंख नम थी।
मार्था एले का भावुक बयान-मार्था एले ने कहा कि उन्हें दुनिया भर से फोन आ रहे हैं। लोग फूल लेकर उनके घर आ रहे हैं और अस्पताल में अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे। उन्होंने सभी से अपील की कि प्रशांत को वैसे ही प्यार करते रहें जैसे वे थे। वे एक महान इंसान और खूबसूरत आत्मा थे।
पुलिस ऑर्केस्ट्रा से इंडियन आइडल तक का सफर-दार्जिलिंग के प्रशांत तमांग ने अपने करियर की शुरुआत पश्चिम बंगाल पुलिस ऑर्केस्ट्रा से की थी। 2007 में इंडियन आइडल सीजन 3 जीतकर उन्होंने देशभर में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने नेपाली सिनेमा में भी काम किया और ‘गोरखा पलटन’ जैसी फिल्मों में नजर आए।
OTT और बॉलीवुड में भी बनाई अपनी पहचान-पिछले कुछ सालों में प्रशांत तमांग हिंदी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बने। वे ‘पाताल लोक सीजन 2’ में भी दिखे। खबरों के अनुसार वे सलमान खान की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ में भी नजर आने वाले थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
प्रशांत तमांग: एक यादगार आवाज और संघर्ष की मिसाल-हालांकि प्रशांत तमांग अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज, उनका संघर्ष और उनकी सादगी हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। दार्जिलिंग ने एक चमकता सितारा खो दिया है, लेकिन संगीत की दुनिया में उनका नाम और काम सदैव याद किया जाएगा।



