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“बिहार की विरासत, भारत की शान: पीएम मोदी ने ट्रिनिडाड में यूं किया बिहारी संस्कृति का सम्मान”

बिहार: भारत का गौरव, विश्व का सम्मान!-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रिनिडाड और टोबैगो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बिहार की गौरवशाली विरासत और उसके वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला है। उनके संदेश ने बिहार की पहचान को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।

 बिहार की गौरवशाली विरासत: दुनिया भर में फैला प्रभाव-पीएम मोदी ने बताया कि बिहार की जड़ें सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में फैली हुई हैं। बिहार के लोगों ने दुनिया के कोने-कोने में अपनी पहचान बनाई है, और यह विरासत सिर्फ भारत की ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की धरोहर है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि बिहार का योगदान अतुलनीय है।

पीएम कमला पसाद-बिसेसर और बिहार का गहरा नाता-मोदी जी ने बताया कि ट्रिनिडाड और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला पसाद-बिसेसर के पूर्वज भी बिहार से थे। यह संबंध भारत और कैरेबियाई देशों के बीच के रिश्तों को और भी मज़बूत करता है। भारत उन्हें अपनी बेटी मानता है, जो दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों का प्रतीक है। यह एक ऐसा उदाहरण है जो दिलों को जोड़ता है।

भोजपुरी भाषा: बिहार की आत्मा, विश्व का संगम-अपने संबोधन को और भी भावनात्मक बनाने के लिए, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर भोजपुरी में एक पोस्ट भी किया। भोजपुरी भाषा बिहार की पहचान है और दुनिया भर में बसे भारतीय समुदाय को जोड़ने का काम करती है। यह भाषा एक सांस्कृतिक सेतु का काम करती है।

 बिहार का ऐतिहासिक योगदान: सदियों से नई राह दिखाता बिहार-पीएम मोदी ने बताया कि लोकतंत्र, राजनीति, कूटनीति और उच्च शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बिहार ने सदियों पहले ही दुनिया को नई दिशा दी थी। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती 21वीं सदी के लिए भी नई प्रेरणाओं और अवसरों से भरी हुई है। बिहार का भविष्य उज्जवल है।

 गिरमिटिया समुदाय का डेटाबेस: इतिहास को सहेजते हुए भविष्य का निर्माण-भारत सरकार गिरमिटिया समुदाय का एक व्यापक डेटाबेस तैयार कर रही है। यह डेटाबेस ट्रिनिडाड और टोबैगो जैसे देशों में बसे भारतीय मूल के लोगों के साथ भारत के ऐतिहासिक रिश्ते को और मजबूत करेगा। यह एक ऐतिहासिक पहल है।

 गिरमिटिया समुदाय: भारत और विश्व का अटूट रिश्ता-गिरमिटिया समुदाय ब्रिटिश राज के दौरान बिहार और उत्तर प्रदेश से काम के लिए विदेश भेजे गए लोगों का समूह है। आज यह समुदाय भारत और दुनिया के अन्य देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह समुदाय एक जीवंत सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

 बिहार चुनाव और पीएम मोदी का संदेश: भावनाओं का संगम, राजनीति का संकेत-कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी का यह भाषण आगामी बिहार चुनावों को ध्यान में रखकर दिया गया है। बिहार में इस साल चुनाव होने हैं और बीजेपी एनडीए का हिस्सा है। यह एक राजनीतिक संकेत भी हो सकता है।

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