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वायदा बाजार में सोना-चांदी की चमक फीकी, निवेशकों ने मुनाफा निकाला

मंगलवार को कीमती धातुओं में गिरावट का दौर-मंगलवार को वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में noticeable गिरावट आई। चांदी करीब 2 प्रतिशत गिरकर 2.57 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि सोना भी 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास फिसल गया। यह गिरावट वैश्विक बाजारों की कमजोर स्थिति और निवेशकों द्वारा मुनाफा निकालने की वजह से आई है।

MCX पर चांदी में तेज गिरावट, तेजी का असर कम हुआ- मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 5,422 रुपये यानी 2.06 प्रतिशत गिरकर 2,57,198 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। सोमवार को चांदी में 5.09 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी, लेकिन अगले दिन निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों में दबाव आया।

सोने के वायदा भाव में भी नरमी-सोने के वायदा भाव में भी गिरावट आई। अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 677 रुपये यानी 0.43 प्रतिशत गिरकर 1,57,389 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले सोना 1.7 प्रतिशत चढ़कर 1,58,066 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लगातार दो दिन की तेजी के बाद निवेशकों ने लाभ निकालना शुरू किया, जिससे बाजार में ठहराव आया।

मजबूत डॉलर ने बढ़ाई कीमतों पर दबाव-कारोबारियों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने सोना-चांदी की कीमतों को ऊपर जाने से रोका। डॉलर इंडेक्स 0.09 प्रतिशत बढ़कर 96.90 पर पहुंच गया। जब डॉलर मजबूत होता है, तो कीमती धातुएं महंगी हो जाती हैं, जिससे उनकी मांग कम हो जाती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतें गिरीं-विदेशी बाजार में भी चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। कॉमैक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 1.20 प्रतिशत गिरकर 81.25 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। सोमवार को यह 82.23 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई थी।

विशेषज्ञों का मानना: मुनाफावसूली के कारण उतार-चढ़ाव- इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी के अनुसार, चांदी 82 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई है। दो दिन की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूला है। बाजार अभी भी हाल की बड़ी गिरावट के बाद स्थिर होने की कोशिश में है।

चांदी अभी भी रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे- विश्लेषकों के मुताबिक, 29 जनवरी को चांदी ने अपना ऑल टाइम हाई छुआ था, लेकिन उसके बाद भारी बिकवाली हुई और कीमत लगभग 50 प्रतिशत तक गिर गई। फिलहाल यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 33 प्रतिशत नीचे चल रही है, जो बाजार की अस्थिरता को दर्शाता है।

सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भी गिरावट जारी-अंतरराष्ट्रीय बाजार में अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 0.48 प्रतिशत गिरकर 5,055.21 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इससे पहले यह 5,079.4 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था। कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, दो दिन की तेजी के बाद सोने में मुनाफावसूली हुई है और बाजार अभी भी संतुलन बनाने की कोशिश में है।

आगे का फोकस: रिटेल सेल्स और वैश्विक आर्थिक हालात- ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि अब बाजार की नजर रिटेल सेल्स के आंकड़ों पर होगी। साथ ही वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और ब्याज दरों में ढील की उम्मीदें लंबी अवधि में सोने को सहारा दे सकती हैं, भले ही फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहे।

डॉलर की हल्की मजबूती ने फिर बढ़ाया दबाव-सोमवार को डॉलर कमजोर हुआ था, जब खबर आई कि चीन के नियामकों ने घरेलू संस्थानों को अमेरिकी ट्रेजरी में निवेश कम करने की सलाह दी है। इससे डॉलर एसेट्स की विदेशी मांग को लेकर चिंता बढ़ी थी। अब डॉलर की हल्की मजबूती ने फिर से कीमती धातुओं पर दबाव डाला है।

 

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