बैंक अकाउंट किराए पर देकर ठगी करवा रहा था युवक, 8 राज्यों में दर्ज हैं केस – कवर्धा पुलिस ने पकड़ा हाईटेक फ्रॉड का राजदार

सोशल मीडिया का जाल: कैसे एक आम आदमी बना ठगों का सहयोगी?-एक आम आदमी, मोहन जायसवाल, जिसकी ज़िंदगी सोशल मीडिया के जाल में फंस गई। कवर्धा के रहने वाले मोहन के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल साइबर ठगों ने बड़े पैमाने पर किया। सोशल मीडिया के जरिए ठगों से जुड़ने के बाद, मोहन ने अपने और अपने माता-पिता के नाम पर कुल 18 बैंक अकाउंट खुलवा लिए और उन्हें ठगों को किराए पर दे दिया।
कमीशन पर चल रहा था खेल: डेढ़ करोड़ से ज़्यादा का लेन-देन-मोहन का यह काम कोई छोटा-मोटा नहीं था। वह ठगों के साथ मिलकर एक बड़े फाइनेंशियल फ्रॉड में शामिल था। उसके खातों से 1.5 करोड़ रुपये से ज़्यादा का लेन-देन हुआ। हर ट्रांजैक्शन पर उसे 10% कमीशन मिलता था। यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था, जिससे बड़ी मात्रा में धन का लेनदेन हुआ।
कई राज्यों की पुलिस कर रही थी तलाश, कवर्धा पुलिस ने किया गिरफ्तार-कई राज्यों में साइबर फ्रॉड के मामलों में वांछित मोहन को कवर्धा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से कई बैंकों की पासबुक, चेकबुक और ज़रूरी दस्तावेज़ जब्त किए हैं। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और जांच जारी है। इस गिरफ्तारी से कई राज्यों की पुलिस को राहत मिली है।
एसपी की अपील: सावधान रहें, अपना बैंक अकाउंट किसी अनजान को न दें-एसपी धर्मेंद्र छवैया ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक अकाउंट और दस्तावेज़ किसी अनजान को न दें। साइबर अपराध तेज़ी से बढ़ रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना ज़रूरी है। अपनी जानकारी सुरक्षित रखना बहुत ज़रूरी है।
पुलिस को उम्मीद: खुलेंगे साइबर ठगी के बड़े रैकेट के राज़-पुलिस को उम्मीद है कि मोहन की गिरफ्तारी से साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होगा। आने वाले दिनों में और भी आरोपियों के पकड़े जाने की उम्मीद है। जांच टीम इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश में जुटी हुई है। इस मामले से जुड़े और भी कई राज़ खुल सकते हैं।



