ट्रंप का बड़ा दावा: भारत-पाक टकराव को मैंने रोका, 11 लड़ाकू विमान गिरे और टैरिफ की चेतावनी से हुआ समझौता

ट्रंप का दावा: मई 2025 में भारत-पाक तनाव को रोकने में मेरी अहम भूमिका थी-अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर जोर देकर कहा है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को उन्होंने ही समय रहते काबू में किया था। उनका कहना है कि उस वक्त हालात बहुत गंभीर थे और अगर वे बीच में नहीं आते तो स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती थी।
ट्रंप का कहना – मेरा हस्तक्षेप न होता तो बड़ा सैन्य संघर्ष हो सकता था-ट्रंप ने अपने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ कार्यक्रम में बताया कि उस समय भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण थे। उन्होंने कहा कि उनका हस्तक्षेप निर्णायक साबित हुआ और इसने बड़े संघर्ष को टाल दिया। हालांकि भारत ने हमेशा साफ किया है कि दोनों देशों के बीच सीजफायर की बात सीधे बातचीत से तय हुई थी, जिसमें किसी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी। बावजूद इसके ट्रंप अपने दावे पर कायम हैं और इसे अपनी कूटनीतिक सफलता मानते हैं।
11 महंगे लड़ाकू विमान गिराए गए, स्थिति थी बेहद गंभीर-ट्रंप ने उस सैन्य गतिरोध को “बहुत खतरनाक” बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हवाई संघर्ष चल रहा था और कुल 11 महंगे लड़ाकू जेट विमान गिराए गए थे। उनका मानना है कि इस तरह के नुकसान से दोनों देशों को भारी आर्थिक और सैन्य क्षति हो सकती थी, जिससे हालात और खराब हो सकते थे।
व्यापार और टैरिफ की धमकी देकर दबाव बनाया- ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों को फोन पर चेतावनी दी थी कि अगर लड़ाई जारी रही तो अमेरिका उनके साथ व्यापारिक समझौते खत्म कर देगा। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति में 200 प्रतिशत तक टैरिफ भी लगाया जा सकता है। इस कड़े रुख के बाद दोनों देशों ने जल्द ही शांति की ओर कदम बढ़ाए।
प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र, कहा – वह इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए थे-ट्रंप ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि मोदी से उन्होंने सीधे बात की थी और वह इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए थे। ट्रंप ने यह दिखाने की कोशिश की कि बातचीत के जरिए ही स्थिति को नियंत्रित किया गया।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से दिया सख्त जवाब-अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना और वायु सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। Jaish-e-Mohammed और Lashkar-e-Taiba के कई ठिकानों को नष्ट किया गया। इस कार्रवाई ने भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख को स्पष्ट किया।
भारत का रुख साफ – किसी तीसरे देश की भूमिका को हमेशा किया खारिज-भारत ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी सीजफायर या तनाव कम करने का फैसला द्विपक्षीय बातचीत से ही होता है। भारत की नीति रही है कि वह अपने मामलों में किसी तीसरे देश के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करता। इसलिए ट्रंप के दावे अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय जरूर बने हैं, लेकिन भारत का आधिकारिक रुख पहले जैसा ही बना हुआ है।
यह लेख डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाक तनाव को लेकर दावों और भारत के आधिकारिक रुख पर एक सहज और संतुलित नजरिया पेश करता है, जिससे पाठक इस विवादित मुद्दे को बेहतर समझ सकें।



