“ट्रंप की पुतिन को सख्त चेतावनी – ‘युद्ध नहीं रुका तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे’”

पुतिन को ट्रंप की दो-टूक: यूक्रेन में शांति न हुई तो होंगे गंभीर अंजाम!
अमेरिका की सख्त चेतावनी, रूस पर गिरेगी गाज?-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को बिल्कुल साफ शब्दों में बता दिया है कि अगर यूक्रेन में जंग बंद नहीं हुई, तो इसके नतीजे बहुत ही बुरे होंगे। केनेडी सेंटर में पत्रकारों से बात करते हुए, जब उनसे पूछा गया कि अगर उनकी पुतिन के साथ बैठक के बाद भी रूस युद्धविराम नहीं करता, तो क्या होगा? ट्रंप ने सीधे-सीधे कहा, “हाँ, उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे।” उन्होंने यह भी इशारा किया कि इन नतीजों में व्यापार पर लगाए जाने वाले टैक्स (टैरिफ) और अन्य तरह के प्रतिबंध शामिल हो सकते हैं। यह बयान 15 अगस्त को अलास्का में होने वाली पुतिन के साथ उनकी मुलाकात से ठीक पहले आया है, जिससे माहौल और भी गरमा गया है।
पुतिन-ज़ेलेंस्की के साथ मिलकर सुलझेगा यूक्रेन मसला?-ट्रंप ने एक बड़ी योजना का खुलासा करते हुए कहा कि अगर पुतिन के साथ उनकी पहली मुलाकात अच्छी रही, तो वे तुरंत ही एक दूसरी बैठक का आयोजन करेंगे। इस दूसरी बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को भी शामिल करने की उनकी मंशा है। ट्रंप ने कहा, “मैं चाहता हूँ कि पुतिन, ज़ेलेंस्की और मैं एक साथ बैठकर बात करें, बस शर्त यह है कि वे मुझे वहाँ देखना चाहें।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर पहली बैठक में उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले, तो दूसरी बैठक का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। यह बात उन्होंने यूरोपीय नेताओं के साथ हुई एक ऑनलाइन बैठक के बाद कही, जिसमें फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन ने बताया था कि ट्रंप इस समय युद्धविराम को सबसे ज़्यादा अहमियत दे रहे हैं।
ज़ेलेंस्की का पुतिन पर गंभीर आरोप: क्या रूस कर रहा है चालबाजी?-इसी ऑनलाइन बैठक के दौरान, यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने पुतिन पर एक बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन से ठीक पहले रूस धोखाधड़ी का सहारा ले रहा है। ज़ेलेंस्की के अनुसार, पुतिन यूक्रेन के हर मोर्चे पर अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं, ताकि दुनिया को यह दिखाया जा सके कि रूस पूरे देश पर कब्ज़ा करने की क्षमता रखता है। उन्होंने इस रणनीति को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक बड़े खतरे के रूप में पेश किया और चेतावनी दी कि अगर इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं। यह बयान रूस-यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव को और भी हवा दे रहा है।
अलास्का में 15 अगस्त को होगी ऐतिहासिक बैठक: क्या बदलेगी दुनिया की तस्वीर?-डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच यह अहम मुलाकात 15 अगस्त को अलास्का के एंकोरेज में स्थित एक संयुक्त सैन्य अड्डे पर होने वाली है। यह वही जगह है जिसे शीत युद्ध के दौरान अमेरिका और सोवियत संघ के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बिंदु माना जाता था। एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर इस बैठक की पुष्टि की है। इस मुलाकात को रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के भविष्य के लिए एक निर्णायक मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है, और दुनिया भर की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं।



