पाकिस्तान से क्रिकेट खेलना देशभक्ति पर चोट: उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान

पाकिस्तान से क्रिकेट: क्या यह देश के जज़्बात के साथ खिलवाड़ है?
शिवसेना का तीखा सवाल, विरोध की चेतावनी-शिवसेना (उद्धव गुट) के प्रमुख, उद्धव ठाकरे, ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि जब हमारे बहादुर सैनिक देश की सरहदों पर अपनी जान की परवाह किए बिना लड़ रहे हैं, तब पाकिस्तान जैसी टीम के साथ क्रिकेट खेलना हमारे राष्ट्रीय जज़्बात का घोर अपमान है। इस मुद्दे पर उन्होंने पूरे महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, जो दिखाता है कि यह मामला कितना गंभीर है।
एशिया कप में भारत-पाक मैच: बहिष्कार की पुरजोर मांग-मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, उद्धव ठाकरे ने साफ तौर पर कहा कि एशिया कप में होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करना चाहिए। उनका मानना है कि ऐसा करके हम दुनिया को एक कड़ा संदेश दे सकते हैं कि भारत आतंकवाद के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उनके अनुसार, देश का सम्मान और सुरक्षा किसी भी खेल से कहीं बढ़कर है, और इस सिद्धांत से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
सरकार पर सीधा हमला: देशभक्ति पर सवाल-उद्धव ठाकरे ने इस पूरे मामले पर मौजूदा बीजेपी सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना तो देशभक्ति का मज़ाक उड़ाने जैसा है। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि क्या हमारे सैनिकों के बलिदान को भुलाकर, सिर्फ़ खेल के नाम पर पाकिस्तान के साथ रिश्ते बनाए रखना सही है? ठाकरे का मानना है कि यह सरकार की दोहरी नीति को उजागर करता है।
बाला साहेब की विरासत: आतंकवाद पर नो-कॉम्पिटिशन-इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने अपने पिता और शिवसेना के संस्थापक, बाला साहेब ठाकरे, के विचारों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि बाला साहेब ने हमेशा पाकिस्तान के प्रति कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने यहाँ तक कहा था कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं करता, तब तक भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट जैसे खेल नहीं खेले जा सकते। यह वही पुरानी और मजबूत सोच है जिसे आज भी दोहराया जा रहा है।



