अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक और कैरेबियन में वेनेजुएला से जुड़े दो सैंक्शन कंटेनर तेल टैंकर जब्त किए

अमेरिका की बड़ी कार्रवाई: दो तेल टैंकरों पर जब्ती, प्रतिबंधों का सख्ती से पालन-अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े दो तेल टैंकरों को उत्तरी अटलांटिक और कैरेबियन समुद्री इलाकों में जब्त कर लिया है। इन जहाजों पर आरोप है कि वे अमेरिकी प्रतिबंधों को तोड़ते हुए तेल का अवैध संचालन कर रहे थे। इस कार्रवाई से अमेरिका ने प्रतिबंधों के पालन को लेकर अपनी सख्ती फिर से साबित कर दी है।
पहला टैंकर “बेला 1” और उसका बदलता नाम-अमेरिकी यूरोपीय कमांड ने बताया कि सबसे पहले “बेला 1” नाम के टैंकर को पकड़ा गया था। बाद में इस जहाज ने अपना नाम बदलकर “मरीनारा” रख लिया और रूस का ध्वज भी लगा लिया था। यह जहाज पहले से ही 2024 में प्रतिबंधित था क्योंकि इसके कार्गो पर सैंक्शन्स के उल्लंघन के आरोप थे। अमेरिका ने इसे पकड़ने के लिए कई बार कोशिश की थी, लेकिन जहाज ने रास्ता बदलकर पकड़ से बचने की कोशिश की।
दूसरा टैंकर “सोफिया” भी अमेरिका की पकड़ में-गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने बताया कि कैरेबियन सागर में दूसरा टैंकर “सोफिया” भी अमेरिकी बलों ने जब्त कर लिया है। नोएम के अनुसार, दोनों जहाज या तो वेनेजुएला में आखिरी बार डॉक किए गए थे या उस दिशा में जा रहे थे। अमेरिका ने कहा कि ये जहाज “गोस्ट” या “शैडो” फ्लीट का हिस्सा हैं, जिनका इस्तेमाल प्रतिबंधों से बचने के लिए किया जाता है।
अमेरिका का मकसद: प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन-अमेरिकी कोस्ट गॉर्ड और संयुक्त कमांड ने अदालत के वारंट के तहत इन जहाजों को ट्रैक किया और कब्जा किया। अमेरिका का उद्देश्य इन अवैध तेल परिवहन नेटवर्क को बाधित करना और प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करना है। यह कार्रवाई वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधों के उल्लंघन को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
वैश्विक ‘शैडो फ्लीट’ को रोकने की कोशिश-अमेरिका ने बताया कि कई ऐसे जहाज हैं जो प्रतिबंधों को तोड़ते हुए तेल ले जा रहे हैं। इन्हें “शैडो” या “डार्क फ्लीट” कहा जाता है। ये जहाज वेनेजुएला, रूस और ईरान जैसे देशों से तेल ले जाने में इस्तेमाल होते हैं। अमेरिकी कार्रवाई का मकसद इन नेटवर्कों को खत्म करना और प्रतिबंधों के पालन को सुनिश्चित करना है।
रूस की आपत्ति और अमेरिका की प्रतिक्रिया-रूस ने “मरीनारा” टैंकर के जब्त होने पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। लेकिन अमेरिका ने साफ किया है कि यह कार्रवाई प्रतिबंधों के उल्लंघन को रोकने और तेल परिवहन के नियम लागू करने के लिए की गई है। अमेरिका ने संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसे और भी जहाजों पर कार्रवाई हो सकती है। अमेरिका की यह कार्रवाई वैश्विक तेल व्यापार में प्रतिबंधों के उल्लंघन को रोकने के लिए एक सख्त संदेश है। वेनेजुएला, रूस और ईरान जैसे देशों से जुड़े अवैध तेल परिवहन नेटवर्क को बाधित करने के लिए अमेरिका लगातार कदम उठा रहा है। इस कदम से यह साफ होता है कि अमेरिका प्रतिबंधों के पालन को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रखेगा।



