सुप्रीम कोर्ट से वंतारा को मिली क्लीन चिट, जयराम रमेश ने उठाए बड़े सवाल

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: वंतारा को मिली राहत, 18 दिनों में सुलझाया गया मामला!
वंतारा को मिली क्लीन चिट: सुप्रीम कोर्ट ने SIT रिपोर्ट स्वीकार कर केस किया बंद-हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस फाउंडेशन के वंतारा वाइल्डलाइफ रेस्क्यू और रिहैबिलिटेशन सेंटर को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि वंतारा ने किसी भी तरह के कानून का उल्लंघन नहीं किया है। विशेष बात यह रही कि इस पूरे मामले की जांच, जो एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन के तहत अगस्त 2025 में शुरू हुई थी, केवल 18 दिनों के अंदर पूरी हो गई और अदालत ने SIT की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए मामले को खत्म कर दिया। इस अभूतपूर्व तेजी ने सभी को हैरान कर दिया है, क्योंकि आमतौर पर ऐसे मामलों में काफी समय लग जाता है।
SIT की जांच और अदालत का फैसला: क्या कहती है रिपोर्ट?-सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त 2025 को इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यों की एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था, जिसमें पूर्व न्यायाधीश और वन्यजीव विशेषज्ञ शामिल थे। इस टीम को 12 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था। SIT ने अपनी जांच पूरी करने के बाद सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपी। 15 सितंबर को अदालत ने इस रिपोर्ट को स्वीकार किया और मामले को समाप्त कर दिया। रिपोर्ट में यह साफ तौर पर कहा गया है कि वंतारा ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, चिड़ियाघर नियमों या किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया है।
जयराम रमेश की चिंता: न्याय में देरी पर सवाल-कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री, जयराम रमेश, ने इस फैसले पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह दिखाता है कि जब सुप्रीम कोर्ट चाहे तो किसी मामले को कितनी तेज़ी से निपटा सकता है, जबकि अन्य महत्वपूर्ण मामलों में सालों लग जाते हैं। उन्होंने ‘सील्ड कवर’ में रिपोर्ट पेश करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और इसे रहस्यमयी बताया। रमेश का मानना है कि न्यायपालिका को सभी मामलों में इसी तरह की पारदर्शिता और तेज़ी से काम करना चाहिए ताकि न्याय सभी के लिए सुलभ हो सके।
वंतारा का पक्ष: आरोपों को किया खारिज, मिशन को मिली मजबूती-वंतारा के प्रबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का गर्मजोशी से स्वागत किया है। उनका कहना है कि SIT द्वारा दी गई क्लीन चिट इस बात का प्रमाण है कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार थे। वंतारा ने इस बात पर जोर दिया कि उनका मुख्य उद्देश्य हमेशा से घायल और जरूरतमंद जानवरों का बचाव करना और उनकी देखभाल करना रहा है। अदालत के इस फैसले से उनके इस मिशन को और भी अधिक बल मिला है। प्रबंधन ने कहा कि यह निर्णय सभी के लिए एक बड़ी राहत है और अब संस्था का काम खुद ही अपनी कहानी कहेगा।



