बॉलीवुड सितारों का पाकिस्तान से जुड़ाव: कौन-कौन से स्टार्स की जड़ें सरहद पार हैं?

बॉलीवुड के सितारे: पाकिस्तान से भारत तक का सफर-बॉलीवुड सितारों की चमक-दमक और उनकी फिल्में तो हर कोई देखता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से कई सितारों का गहरा नाता पाकिस्तान से भी रहा है? विभाजन के बाद, इन सितारों के परिवार पाकिस्तान से भारत आए और यहाँ आकर उन्होंने सिनेमा की दुनिया में अपना नाम रोशन किया। आइए, जानते हैं कुछ ऐसे ही सितारों के बारे में:
दिलीप कुमार: पेशावर से मुंबई तक एक यादगार सफर-“ट्रेजेडी किंग” दिलीप कुमार, जिनका असली नाम यूसुफ खान था, का जन्म 1922 में पेशावर में हुआ था। विभाजन से पहले ही उनका परिवार भारत आ गया था। दिलीप कुमार ने अपनी शानदार अदाकारी से लोगों के दिलों पर राज किया। उनकी फिल्में, जैसे कि मुगल-ए-आजम, देवदास, और राम और श्याम आज भी दर्शकों को पसंद हैं। पेशावर की गलियों से निकलकर मुंबई की चकाचौंध तक का उनका सफर वाकई प्रेरणादायक रहा।
राज कपूर: पेशावर का बेटा जिसने सिनेमा को नई ऊंचाइयां दी-कपूर खानदान का नाम भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में बहुत सम्मान से लिया जाता है। राज कपूर का जन्म भी पेशावर में हुआ था। उनके पिता, पृथ्वीराज कपूर, थिएटर और फिल्मों में एक जाना-माना नाम थे। राज कपूर ने आवारा, श्री 420, और बॉबी जैसी फिल्मों से भारतीय सिनेमा को दुनिया भर में पहचान दिलाई। उनकी फिल्में सामाजिक मुद्दों पर आधारित होती थीं और उनमें मानवीय भावनाओं को खूबसूरती से दिखाया जाता था।
अमिताभ बच्चन: प्रयागराज की जड़ें और फैसलाबाद का नाता-सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का परिवार मूल रूप से प्रयागराज से है, लेकिन उनकी माँ, तेजी बच्चन, का जन्म पाकिस्तान के फैसलाबाद (पहले लायलपुर) में हुआ था। इस वजह से उनका पाकिस्तान से गहरा रिश्ता रहा है। अमिताभ बच्चन की सफलता और उनकी पर्सनालिटी पर उनकी माँ के संस्कारों का गहरा असर पड़ा। शायद यही कारण है कि उनकी अदाकारी में संवेदनशीलता और गहराई हमेशा देखने को मिलती है।
शाहरुख खान: किंग खान की पेशावर से जुड़ी जड़ें-बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान का भी पाकिस्तान से गहरा रिश्ता है। उनके पिता, मीर ताज मोहम्मद खान, का जन्म पेशावर में हुआ था। शाहरुख अक्सर अपने इंटरव्यूज़ में इस कनेक्शन का ज़िक्र करते हैं। उनका परिवार विभाजन के बाद भारत आया और यहीं उन्होंने अपना नया जीवन शुरू किया। आज शाहरुख सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में एक बहुत बड़े सुपरस्टार हैं।
संजय दत्त: झेलम से बॉलीवुड तक का सफर-
संजय दत्त के पिता, सुनील दत्त, का जन्म पाकिस्तान के झेलम जिले में हुआ था। विभाजन के समय उनका परिवार भारत आया और मुंबई में बस गया। सुनील दत्त बॉलीवुड के एक बड़े स्टार बने और राजनीति में भी सक्रिय रहे। संजय दत्त ने मुन्ना भाई एमबीबीएस और खलनायक जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई।
माधुरी दीक्षित: रावलपिंडी से आई पारिवारिक जड़ें-धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित के पूर्वज पाकिस्तान के रावलपिंडी से थे। माधुरी का जन्म मुंबई में हुआ, लेकिन उनके परिवार ने विभाजन के बाद भारत में नया जीवन शुरू किया। आज माधुरी दीक्षित अपनी फिल्मों के साथ-साथ डांस और खूबसूरती के लिए भी जानी जाती हैं।
काजोल: लाहौर से जुड़ी नानी की यादें-काजोल की नानी, शोभना समर्थ का परिवार लाहौर से जुड़ा हुआ था। इस वजह से काजोल की जड़ें भी पाकिस्तान से जुड़ी मानी जाती हैं। काजोल ने दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, कुछ कुछ होता है और फना जैसी फिल्मों से इंडस्ट्री में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।
राजेश खन्ना: फैसलाबाद के गांव से स्टारडम तक-पहले सुपरस्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना का जन्म फैसलाबाद के पास बूरवाला गांव में हुआ था। बचपन के कुछ साल वहीं बिताने के बाद उनका परिवार भारत आ गया। राजेश खन्ना ने 70 के दशक में लगातार 15 हिट फिल्में देकर स्टारडम का नया रिकॉर्ड बनाया।
गुलजार: दिना से मुंबई तक का सफर-प्रसिद्ध गीतकार और डायरेक्टर गुलजार का जन्म पाकिस्तान के दिना शहर में हुआ था। विभाजन के बाद वे भारत आए और मुंबई में अपनी रचनात्मक यात्रा शुरू की। उनके लिखे गाने और कविताएं आज भी लोगों के दिलों को छू जाती हैं।
अमरीश पुरी: लाहौर का बेटा जिसने विलेन को हीरो बना दिया-विलेन के किरदारों के लिए मशहूर अमरीश पुरी का जन्म 1932 में लाहौर में हुआ था। भारत आने के बाद उन्होंने फिल्मों में ऐसे रोल निभाए जिन्हें लोग आज भी नहीं भूल पाए हैं। उनका डायलॉग “मोगैंबो खुश हुआ” आज भी आइकॉनिक है।
यह कहानी उन सितारों की है जिन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच की सीमाओं को पार करते हुए, सिनेमा की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। उनकी फिल्में और योगदान आज भी हमें प्रेरित करते हैं।



