“बंगालियों को अपने ही देश में पराया क्यों समझा जा रहा है?”: ममता बनर्जी का BJP पर तीखा हमला

दिल्ली में बंगाली प्रवासियों पर हमला: क्या ये लोकतंत्र है?-दिल्ली के जय हिंद कॉलोनी में रह रहे बंगाली प्रवासी मजदूरों के साथ हो रहा बुरा व्यवहार चिंता का विषय है। पानी और बिजली जैसी ज़रूरी सुविधाएँ छीन ली गई हैं और उन्हें वहाँ से हटाने की कोशिश की जा रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई है।
बुनियादी सुविधाओं से वंचित-बंगाली प्रवासियों को बिजली और पानी की सप्लाई काट दी गई है। निजी पानी के टैंकरों को भी रोक दिया गया है, जिससे लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। यह सब कोर्ट केस चलने के बावजूद हो रहा है, जो बेहद ग़लत है।
बंगाली होना क्या गुनाह है?-ममता बनर्जी ने सवाल किया है कि क्या बंगाली भाषा बोलना अब गुनाह बन गया है? उनका आरोप है कि बीजेपी बंगालियों को देश का हिस्सा नहीं मानती, बल्कि उन्हें घुसपैठिया समझती है। उन्होंने कहा कि बंगाल में लाखों प्रवासी सम्मान से रहते हैं, लेकिन बीजेपी शासित राज्यों में उनके साथ भेदभाव हो रहा है।
बीजेपी की बंगाल विरोधी नीति?-ममता बनर्जी का कहना है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव हारने के बाद, बीजेपी अब दूसरे राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और मध्य प्रदेश में रहने वाले बंगालियों को निशाना बना रही है। दिल्ली में ये साफ़ दिख रहा है।
टीएमसी का विरोध-ममता बनर्जी ने कहा है कि बंगालियों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल इस मुद्दे को हर जगह उठाएगा और पीड़ितों के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने बंगालियों को देश का नागरिक बताते हुए न्याय की मांग की है।
ओडिशा में भी विवाद-ओडिशा में भी बंगाली प्रवासियों की गिरफ़्तारी को लेकर विवाद है। टीएमसी का आरोप है कि ओडिशा सरकार ने सही कागज़ात होने के बावजूद बंगाली प्रवासियों को हिरासत में लिया है। हालांकि ओडिशा पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है।



