2027 पंजाब चुनाव पर बवाल: मनिष सिसोदिया के बयान ने क्यों भड़काई सियासत?

पंजाब की सियासत में गरमा-गरमी: सिसोदिया के बयान पर मचा बवाल!-पंजाब की राजनीति में आजकल एक बयान को लेकर खूब गहमागहमी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के एक बड़े नेता, मनीष सिसोदिया, ने कुछ ऐसा कह दिया है जिस पर दूसरी पार्टियां भड़क उठी हैं। उन्होंने कहा कि 2027 में पंजाब में विधानसभा चुनाव जीतने के लिए वे ‘साम, दाम, दंड, भेद’ सब अपनाएंगे। यानी, वो सच, झूठ, सवाल, जवाब, लड़ाई, झगड़ा – जो कुछ भी करना पड़े, वो करेंगे। यह बात उन्होंने AAP की महिला विंग के एक ट्रेनिंग प्रोग्राम में कही, जहाँ मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद थे। विपक्षी दलों का कहना है कि यह बयान तो सीधे-सीधे लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने वाला है और चुनाव जीतने के लिए गलत रास्तों को बढ़ावा देता है।
बीजेपी की चुनाव आयोग से गुहार: कार्रवाई हो!-पंजाब बीजेपी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस मामले को बहुत गंभीर बताया है। उन्होंने सीधे चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर सिसोदिया के बयान पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। जाखड़ का कहना है कि सिसोदिया का यह बयान ‘जैसे भी हो, चुनाव जीतो’ वाली सोच को दिखाता है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ पंजाब के अमन-चैन और विकास के लिए ही खतरा नहीं है, बल्कि यह तो कानून के तहत गलत तरीके से चुनाव लड़ने जैसा है। उन्होंने चुनाव आयोग से गुजारिश की है कि सिसोदिया पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें भविष्य में चुनाव लड़ने या राजनीतिक भाषण देने से रोका जाए।
अकाली दल का भी तीखा वार: FIR और AAP पर रोक की मांग-शिरोमणि अकाली दल (SAD) के मुखिया सुखबीर सिंह बादल भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने भी चुनाव आयोग से सिसोदिया के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। बादल का मानना है कि सिसोदिया का यह बयान AAP के कार्यकर्ताओं को गलत रास्ते पर चलने के लिए उकसाता है, जैसे कि झूठ बोलना, झूठे वादे करना, वोटरों को रिश्वत देना या फिर किसी भी तरह की हिंसा का सहारा लेना। बादल ने चेतावनी दी है कि अगर इस पर समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया, तो पंजाब का माहौल बिगड़ सकता है। उन्होंने चुनाव आयोग से यह भी अपील की है कि 2027 के पंजाब चुनावों में AAP को भाग लेने से रोका जाए, ताकि चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता बनी रहे।
कांग्रेस का आरोप: लोकतंत्र को खत्म करने की खुली मंशा!-पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी मनीष सिसोदिया के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि सिसोदिया का यह बयान किसी चुनावी चाल से कहीं ज्यादा, देश के लोकतंत्र को खत्म करने की खुली मंशा दिखाता है। बाजवा के अनुसार, यह साफ इशारा है कि AAP किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहना चाहती है। उन्होंने AAP और बीजेपी को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया और कहा कि दोनों ही पार्टियां वोटों के साथ खेलने में माहिर हैं। बाजवा ने यह भी कहा कि पिछले साढ़े तीन सालों में AAP सरकार पंजाब में कोई खास काम नहीं कर पाई है और अब अपनी कुर्सी बचाने के लिए गलत हथकंडे अपना रही है।



