“नोटों के बैग पर चुप क्यों हैं सीएम?” संजय राउत का फडणवीस पर सीधा हमला

महाराष्ट्र की सियासत: राउत बनाम शिंदे – तूफान में उठते सवाल-महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर गरमागरम बहस छिड़ गई है, जिसमें शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने शिंदे गुट पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत के आरोपों ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है और कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिर्साट वीडियो का विवाद: क्या है सच्चाई?-हाल ही में मंत्री संजय शिर्साट का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उनके पास नोटों से भरा एक बैग दिखाई दे रहा है। राउत ने इस वीडियो पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर बैग में सिर्फ कपड़े हैं, तो शिर्साट को उसे खोलकर दिखा देना चाहिए। उन्होंने सीएम फडणवीस से भी इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। यह वीडियो शिंदे गुट की सरकार की पारदर्शिता पर सवालिया निशान खड़ा करता है।
गायकवाड़ का विवादित कृत्य: क्या है सरकार का रुख?-विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा कैंटीन कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना पर भी राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को हत्या की कोशिश बताया और सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि गैर-संज्ञेय मामला दर्ज करना काफी नहीं है, बल्कि इस मामले में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। यह घटना सरकार की कानून व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता पर सवाल उठाती है।
दिल्ली का दबाव? महाराष्ट्र विरोधी नीतियाँ?-राउत ने आरोप लगाया है कि शिवसेना (शिंदे गुट) दिल्ली के इशारे पर काम कर रही है और महाराष्ट्र विरोधी नीतियाँ अपना रही है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अब एक कटु दुश्मनी बन चुका है और आगे भी जारी रहेगा। यह आरोप राज्य के राजनीतिक भविष्य पर गंभीर चिंताएँ पैदा करता है।
नया सुरक्षा कानून: आदिवासियों और कार्यकर्ताओं पर हमला?-राउत ने महाराष्ट्र स्पेशल पब्लिक सिक्योरिटी बिल 2024 पर भी आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि यह कानून आदिवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाने के लिए बनाया गया है। उन्होंने इस कानून को अमानवीय करार दिया है। यह कानून मानवाधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता पर गंभीर असर डाल सकता है।



