दो साल से इंतजार, सिंथेटिक ट्रैक का काम लटकाया पीडब्ल्यूडी ने ,

हाउसिंग बोर्ड ने टेंडर व वर्क आर्डर जारी कर दिया है। अब जल्द ही मैदान बनाने का काम शुरू होने वाला है। डीएमएफ मद से काम की शुरुआत करने के लिए राशि कलेक्टर जारी करेंगे। इसके बाद खेल एवं युवा कल्याण विभाग के खाते में केंद्र 6.60 करोड़ रुपए जमा कराएगी दो साल पहले खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार ने प्रशासकीय स्वीकृति देते हुए टेंडर व वर्क आर्डर जारी करने के निर्देश दिए थे। लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य में देरी हो गई ।
एथलेटिक्स खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक का पिछले दो साल से इंतजार था, लेकिन पीडब्ल्यूडी की ओर से टेंडर जारी नहीं करने से काम शुरू ही नहीं हो पाया था। अनावश्यक देरी को देखते हुए खेल युवा कल्याण विभाग ने दो महीने पहले ही गृह निर्माण मंडल को टेंडर के साथ ही वर्क आर्डर जारी करने का काम दिया गृह निर्माण मंडल को जिम्मा दिया गया है, जिसने दो महीने पूर्व ही टेंडर जारी कर वर्क आर्डर जारी कर दिया है। अब केंद्र सरकार से जल्द ही निर्माण के लिए धनराशि खेल एवं युवा कल्याण विभाग को मिलेगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला खेल अधिकारी मनाेज घृतलहरे का कहना है कि दाे साल पहले यानी अक्टूबर 2020 में केंद्र से प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी, लेकिन पीडब्ल्यूडी टेंडर जारी नहीं कर रहा था। इसके कारण निर्माण में देरी हाे गई ।
र्तमान में मुरुम के ट्रैक पर दौड़ते समय खिलाड़ी गिरकर चोटिल हो जाते हैं। वहीं सिंथेटिक ट्रैक पर चोट की संभावना न्यूनतम होगी। इंटरनेशनल स्तर की तैयारी: सिंथेटिक ट्रैक बनने से खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारियां कर सकेंगे। उनके खेल का स्तर बढ़ेगा और प्रतियोगिताओं में पदकों की संभावना बढ़ेगी।
9 करोड़ की लागत से 400 मीटर का ट्रैक वन विभाग खेल परिसर में बनाया जाएगा। इसमें 8 ट्रैक होंगे, यानी एक बार में एक साथ 8 खिलाड़ी दौड़ लगा सकेंगे। एक ट्रैक 1.22 मीटर का होगा। निर्माण के बाद स्पर्धा व प्रशिक्षण में खिलाड़ियों को इसका फायदा मिलेगा। वर्तमान में 8 ट्रैक हैं, लेकिन मुरूम होने से ट्रेनिंग में दिक्कत के साथ चोट का डर रहता है।



