“अगर भारत ने पानी रोका तो खून बहेगा: बिलावल भुट्टो की खोखली धमकी”

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो-ज़रदारी ने भारत की तरफ से पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि (इंडस वाटर्स ट्रीटी) को सस्पेंड किए जाने पर जवाब देते हुए कहा है कि अगर पानी रोका गया तो दरिया खून से भर जाएंगे। “सिंधु नदी हमारी थी, है और रहेगी – या तो इसमें हमारा पानी बहेगा, या फिर उनका खून,” ऐसा बयान बिलावल ने शुक्रवार को सिंध प्रांत के अपने गृहक्षेत्र सुकर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिया, जिसे ‘द न्यूज’ अखबार ने छापा। सुनिए पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो के पोते की धमकी, जिन्होंने 1971 में भारत से जंग हारी थी: सिंधु नदी इसी प्रांत से बहती है, और इसी नदी के किनारे मोहनजोड़ो जैसे ऐतिहासिक नगर फले-फूले हैं। बिलावल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह दावा करते हैं कि भारत हजारों साल पुरानी सभ्यता का वारिस है, “लेकिन वो सभ्यता तो लरकाना के मोहनजोड़ो में है। असली वारिस हम हैं, और हम इसकी हिफाज़त करेंगे।” बिलावल ने कहा कि मोदी चाहें जो कर लें, वो सिंध और सिंधु नदी के बीच सदियों पुराना रिश्ता तोड़ नहीं सकते। उन्होंने यह भी कहा कि “भारतीय सरकार अब हमारे पानी पर नजरें गड़ा रही है, और ऐसे हालात में चारों प्रांतों को मिलकर एकजुटता दिखानी होगी ताकि हम अपने पानी की हिफाज़त कर सकें।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय, दोनों ही मोदी की “जंग जैसी सोच” और सिंधु नदी के पानी को मोड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे। “हम दुनिया को ये संदेश देंगे कि सिंधु पर डाका मंजूर नहीं है।” पीपीपी अध्यक्ष ने अपने समर्थकों से अपील की कि वो भारतीय आक्रमण से अपनी नदी की रक्षा के लिए एक मज़बूत संघर्ष के लिए तैयार रहें।
बिलावल, जो पाकिस्तान के सबसे युवा विदेश मंत्री रह चुके हैं, ने यह भी कहा कि भारत में जो हालिया आतंकी हमला हुआ है, उसे पाकिस्तान की जनता ने भी निंदा की है, क्योंकि पाकिस्तान भी खुद आतंकवाद का शिकार रहा है।भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को कम कर दिया। ये फैसला उस आतंकी हमले के बाद लिया गया, जिसमें मंगलवार को पहलगाम में 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक थे। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी। भारत के इस फैसले के जवाब में पाकिस्तान ने गुरुवार को धमकी दी कि अगर भारत ने आईडब्ल्यूटी रोकी तो वो शिमला समझौता भी सस्पेंड कर देगा और दोनों देशों के बाकी समझौतों को भी रोक सकता है। इसके अलावा पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार बंद कर दिया, भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया और साफ कर दिया कि सिंधु जल संधि के तहत मिलने वाला पानी अगर रोका गया तो इसे ‘जंग का एलान’ माना जाएगा। शिमला समझौता 1972 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो (बिलावल के दादा) के बीच हुआ था। इसके साथ ही, शुक्रवार को बिलावल ने ये भी एलान किया कि अब संघीय सरकार ने यह तय किया है कि जो छह नए विवादित नहरें बनाई जानी थीं, वो तभी बनेंगी जब सभी प्रांतों की आपसी सहमति होगी। “मैं सबको बताना चाहता हूं कि केंद्र सरकार ने अब ये फैसला लिया है कि सीसीआई (काउंसिल ऑफ कॉमन इंटरेस्ट्स) में सभी की रज़ामंदी के बिना कोई नई नहर नहीं बनाई जाएगी,” उन्होंने कहा। सीसीआई एक ताकतवर अंतर-राज्यीय संस्था है, जो प्रांतों के बीच विवाद सुलझाने के लिए बनाई गई है.



