ईरान ने ट्रंप को दिया करारा जवाब, खामेनेई से मुलाकात से किया इनकार

ईरान ने ट्रंप को दिया करारा जवाब, खामेनेई से मुलाकात से किया इनकार, हिंद महासागर तक युद्ध फैलाने की चेतावनी
ट्रंप की मुलाकात की इच्छा पर ईरान ने तुरंत लगाया ब्रेक-अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से मिलने की इच्छा जताई थी, लेकिन ईरान ने इसे साफ मना कर दिया। खामेनेई के करीबी सैन्य सलाहकार मोहसेन रजाई ने कहा कि वर्तमान हालात में ऐसी कोई मुलाकात संभव नहीं है।
व्हाइट हाउस में ट्रंप ने जताई बातचीत की इच्छा-3 जून 2026 को ट्रंप ने कहा था कि भले ही वे खामेनेई के पसंदीदा न हों, फिर भी बातचीत के लिए तैयार हैं। उनका मानना था कि इससे दोनों देशों के बीच विवाद कम हो सकते हैं। हालांकि, ईरान ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेने से इंकार कर दिया।
ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं दो बड़ी शर्तें-ईरान ने कहा कि बातचीत से पहले अमेरिका को भरोसा बहाल करना होगा। सबसे पहले फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर के फंड को रिलीज करना होगा। दूसरा, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों और नाकेबंदी को खत्म करना जरूरी है। बिना इन शर्तों के कोई सार्थक बातचीत संभव नहीं।
हिंद महासागर और लाल सागर तक युद्ध फैलाने की चेतावनी-मोहसेन रजाई ने चेतावनी दी कि अगर प्रतिबंध और नाकेबंदी जारी रही, तो ईरान युद्ध को हिंद महासागर, बाब-अल-मंडेब, लाल सागर और भूमध्य सागर तक फैलाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है, जो वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए खतरनाक है।
ट्रंप को इजरायल से अलग सोचने की सलाह-ईरान ने ट्रंप को सलाह दी कि वे इजरायल के दबाव से बाहर आकर स्वतंत्र निर्णय लें। रजाई ने कहा कि अगर अमेरिका ईरान के अधिकारों का सम्मान करे, फंड जारी करे और नाकेबंदी खत्म करे, तो दोनों देशों के रिश्ते सुधर सकते हैं और विवादों का समाधान संभव होगा।
वैश्विक बाजार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है असर-विशेषज्ञ मानते हैं कि ईरान की चेतावनी का असर पूरी दुनिया पर होगा। हिंद महासागर और लाल सागर जैसे समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम हैं। तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। दुनिया की नजर अब अमेरिका-ईरान के अगले कदम पर टिकी है।



