13,483 करोड़ में जापानी बैंक SMBC खरीदेगा यस बैंक की 20% हिस्सेदारी, SBI समेत 8 बैंक बेचेंगे शेयर

SBI और 7 बैंकों ने यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेची, जापानी कंपनी बनी सबसे बड़ी शेयरहोल्डर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और सात दूसरे बैंकों ने शुक्रवार को एक बड़ी खबर दी। उन्होंने बताया कि वे मिलकर यस बैंक में अपनी 20% हिस्सेदारी बेचने जा रहे हैं। ये हिस्सेदारी जापान की कंपनी सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) को ₹13,483 करोड़ में बेची जाएगी। ये डील भारतीय बैंकिंग सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी विदेशी डील मानी जा रही है। इस डील के बाद SMBC मुंबई में मौजूद यस बैंक में सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बन जाएगी। इस 20% हिस्सेदारी में से, SBI अकेले 13.19% हिस्सा बेचेगा, जिससे उसे करीब ₹8,889 करोड़ मिलेंगे। बाकी 6.81% हिस्सेदारी एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, फेडरल बैंक, HDFC बैंक, ICICI बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक मिलकर करीब ₹4,594 करोड़ में बेचेंगे। इन बैंकों ने मार्च 2020 में यस बैंक को बचाने के लिए ‘यस बैंक रिकंस्ट्रक्शन स्कीम’ के तहत इसमें पैसा लगाया था।
शेयर ₹21.50 प्रति शेयर की कीमत पर बेचे जाएंगे। SBI ने बताया कि उसके बोर्ड ने 413.44 करोड़ शेयर यानी 13.19% हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी दे दी है। SBI के पास अभी यस बैंक में 24% हिस्सा है, जो डील के बाद घटकर लगभग 10% रह जाएगा। बाकी बैंकों में मार्च 2025 तक HDFC बैंक के पास 2.75%, ICICI बैंक के पास 2.39%, कोटक महिंद्रा बैंक के पास 1.21%, एक्सिस बैंक के पास 1.01%, IDFC फर्स्ट बैंक के पास 0.92%, फेडरल बैंक के पास 0.76% और बंधन बैंक के पास 0.70% हिस्सेदारी थी। यस बैंक ने इस डील पर कहा, “ये भारत के बैंकिंग सेक्टर में सबसे बड़ी विदेशी डील है। इससे हम आगे बढ़ेंगे और हमें SMBC के इंटरनेशनल एक्सपीरियंस और विशेषज्ञता का फायदा मिलेगा।” इस डील को पूरा करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) जैसी संस्थाओं की मंजूरी ज़रूरी होगी। SMBC, SMFG यानी सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल ग्रुप की एक कंपनी है। SMFG जापान का दूसरा सबसे बड़ा बैंकिंग ग्रुप है, जिसके पास दिसंबर 2024 तक करीब 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति है। इसका दुनिया भर में अच्छा-खासा नेटवर्क है।
SMBC भारत में बड़े विदेशी बैंकों में से एक है और इसकी सहयोगी कंपनी SMFG इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड, भारत की सबसे बड़ी एनबीएफसी कंपनियों में शामिल है। अगर ये डील पूरी हो जाती है, तो इससे यस बैंक के काम करने के तरीके और भविष्य की योजनाओं में बड़ा बदलाव आ सकता है। याद दिला दें कि 2020 में जब यस बैंक लगभग डूबने वाला था, तब SBI और दूसरे भारतीय बैंकों ने मिलकर इसे बचाया था। यस बैंक के एमडी और सीईओ प्रशांत कुमार ने इस डील पर कहा, “SMBC के आने से बैंक के विकास में मदद मिलेगी। उनकी ग्लोबल विशेषज्ञता और अच्छी गवर्नेंस बैंक के लिए फायदेमंद होगी। SBI हमारे लिए हमेशा एक भरोसेमंद साथी रहा है और आगे भी रहेगा।” वहीं SMFG के प्रेसिडेंट और CEO तोरू नाकाशिमा और SMBC के CEO अकीहिरो फुकुतोमे ने कहा, “भारत हमारे लिए एक बहुत ही ज़रूरी मार्केट है। यहाँ की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में हम लंबे समय की संभावनाएं देखते हैं। ये निवेश भारत में हमारी मजबूत और भरोसेमंद पार्टनरशिप का एक और कदम है।” मार्च 2025 में खत्म हुई चौथी तिमाही में यस बैंक का मुनाफा 63% बढ़कर ₹738 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹451.9 करोड़ था। पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में बैंक का मुनाफा दोगुना होकर ₹2,406 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹1,251 करोड़ था। शुक्रवार को यस बैंक के शेयर 9.77% उछलकर ₹20 प्रति शेयर पर बंद हुए।



