
दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों की नई रैंकिंग: आइसलैंड फिर बना नंबर-1, भारत की स्थिति क्या है?-
हर साल जारी होने वाली ग्लोबल पीस इंडेक्स (GPI) की 2026 की रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें 163 देशों और क्षेत्रों की सुरक्षा और शांति का विश्लेषण किया गया है। इस बार भी आइसलैंड ने लगातार 19वीं बार दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश होने का खिताब हासिल किया है। वहीं भारत इस बार टॉप-100 में जगह नहीं बना पाया। रिपोर्ट में वैश्विक शांति के स्तर में गिरावट देखी गई है, जो चिंता का विषय है।
क्यों घट रही है दुनिया में शांति?-ग्लोबल पीस इंडेक्स सिर्फ देशों की रैंकिंग नहीं बताता, बल्कि वैश्विक शांति की स्थिति की भी तस्वीर पेश करता है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ सालों में सशस्त्र संघर्ष और राजनीतिक तनाव बढ़े हैं, जिससे शांति कमजोर हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दौर दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे चुनौतीपूर्ण समय है। कई देशों में आंतरिक संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय टकराव बढ़े हैं, जो शांति के स्तर को गिरा रहे हैं।
दुनिया के 10 सबसे सुरक्षित देश कौन से हैं?- GPI 2026 के अनुसार, दुनिया के सबसे शांतिपूर्ण देशों में ज्यादातर यूरोपीय देश शामिल हैं। टॉप-10 देशों की सूची इस प्रकार है:
आइसलैंड
न्यूजीलैंड
स्विट्जरलैंड
स्लोवेनिया
आयरलैंड
ऑस्ट्रिया
पुर्तगाल
सिंगापुर
फिनलैंड
जापानये देश कम अपराध, मजबूत सामाजिक व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता के लिए जाने जाते हैं।
आइसलैंड ने लगातार 19वीं बार कायम रखा नंबर-1-आइसलैंड ने लगातार 19 साल तक दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश बने रहने का रिकॉर्ड बनाया है। यहां स्थायी सेना नहीं है, अपराध दर बहुत कम है और लोगों के बीच सामाजिक विश्वास मजबूत है। यही कारण है कि आइसलैंड में सुरक्षा और स्थिरता का स्तर बहुत ऊंचा है, जो इसे नंबर-1 बनाता है।
न्यूजीलैंड और स्विट्जरलैंड की मजबूत स्थिति-न्यूजीलैंड ने इस बार अपनी रैंकिंग सुधारकर दूसरा स्थान हासिल किया है, जबकि स्विट्जरलैंड तीसरे नंबर पर है। स्लोवेनिया और आयरलैंड भी टॉप-5 में शामिल हैं। यूरोप के ये देश राजनीतिक स्थिरता और सामाजिक संतुलन के कारण दुनिया के सबसे सुरक्षित क्षेत्रों में गिने जाते हैं।
भारत और पड़ोसी देशों की रैंकिंग-दक्षिण एशिया में भूटान ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है और उसे 16वां स्थान मिला है। भारत इस बार 127वें स्थान पर है, जो टॉप-100 से काफी नीचे है। पाकिस्तान को 152वां स्थान मिला है। दक्षिण एशिया के कई देशों को आंतरिक और क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जो उनकी रैंकिंग को प्रभावित कर रहा है।
रूस, अमेरिका और ईरान की स्थिति-रिपोर्ट में रूस को सबसे कम शांतिपूर्ण देशों में शामिल किया गया है। रूस कई संघर्षग्रस्त देशों के साथ निचले स्थानों पर है। ईरान को 144वां और अमेरिका को 134वां स्थान मिला है। यह दिखाता है कि आर्थिक ताकत या सैन्य शक्ति शांति का पैमाना नहीं होती, बल्कि सामाजिक स्थिरता और आंतरिक सुरक्षा भी महत्वपूर्ण हैं।
यात्रा के लिए क्या कहती है रिपोर्ट?-विशेषज्ञों के अनुसार, GPI किसी देश की समग्र सुरक्षा का अच्छा संकेत देता है, लेकिन केवल इस रिपोर्ट के आधार पर यात्रा का फैसला करना सही नहीं। यात्रियों को ताजा सुरक्षा हालात, सरकारी सलाह और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी भी लेनी चाहिए ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद हो।
यूरोप सबसे शांतिपूर्ण, दक्षिण एशिया में गिरावट-पश्चिमी और मध्य यूरोप दुनिया के सबसे शांतिपूर्ण क्षेत्र बने हुए हैं। वहीं मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका सबसे कम शांतिपूर्ण क्षेत्र हैं, जहां राजनीतिक अस्थिरता और संघर्ष लंबे समय से जारी हैं। दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा शांति में गिरावट आई है, जिसका कारण आंतरिक संघर्ष और अस्थिरता है।
ग्लोबल पीस इंडेक्स कैसे बनती है?-यह रिपोर्ट दुनिया की लगभग 99.7% आबादी को कवर करती है और 163 देशों का विश्लेषण करती है। इसमें 23 मानकों को ध्यान में रखा जाता है, जैसे सामाजिक सुरक्षा, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, सैन्यीकरण स्तर आदि। इन आंकड़ों के आधार पर देशों की रैंकिंग तय होती है।
बढ़ती वैश्विक अस्थिरता के संकेत-GPI 2026 के अनुसार, पिछले साल की तुलना में वैश्विक शांति में 0.7% की गिरावट आई है। 163 देशों में से 99 देशों की स्थिति खराब हुई है, जबकि 62 में सुधार हुआ है। 2008 से तुलना करें तो 119 देश अब पहले से कम शांतिपूर्ण हैं। यह दर्शाता है कि दुनिया में अस्थिरता और संघर्ष बढ़ रहे हैं, जो आने वाले समय की बड़ी चुनौती है।



