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Madhya Pradesh

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के बाद राज्य में 1744 एकड़ भूमि 46 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह अद्भुत समय चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की खुशबू देशभर में फैल रही है। प्रदेश में विकास का क्रम जारी है। इस विकास यात्रा में सभी राज्यों के उद्योगपतियों का स्वागत है। जहां जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, अधिकारी साथ में मिलकर प्रदेश के औद्योगिक विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के फरवरी में आयोजन के बाद पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी मध्यप्रदेश को निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि जीआईएस में 65 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 15 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को आवंटन आदेश और आशय पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में हमें टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मेड इन इंडिया का दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नरसिंहपुर जिले में कृषि उद्योग समागम में खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के सम्मेलन” को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश की संकल्पनाओं को साकार करने के लिए हमें सभी क्षेत्रों में समान प्रगति करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माइनिंग, टेक्सटाइल, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनायें हैं। कृषि आधारित उद्योगों के लिए चार स्थानों पर कृषि उद्योग समागम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट वर्तमान में 12 प्रतिशत से अधिक होकर देश में अग्रणी है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 (जीआईएस) के सफल आयोजन के बाद मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा 1744 एकड़ भूमि 46 औद्योगिक इकाइयों को आवंटित की गई है। इन इकाइयों में लगभग 24,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 35,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। भूमि आवंटन प्राप्त प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में मेसर्स पतंजलि ग्रुप, रीवा को सर्वाधिक 433 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इसके अलावा मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट, सीधी को 264 एकड़, मेसर्स बीईएमएल, रायसेन को 148 एकड़, मेसर्स गौतम सोलार को 55 एकड़ एवं मेसर्स ग्लेक्सो स्मीथ एशिया प्रा. को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के कार्यक्रम में कुल 52 इकाईयों से रू. 4376 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 6100 से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इन निवेश प्रस्तावों के राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
औद्योगिक इकाईयों को वितरित किये गये आवंटन आदेश एवं आशय पत्र
क्र.जिलाइकाई का नामप्रस्तावितनिवेश(करोड़ रूपये)प्रस्तावितरोजगार
1.       नर्मदापुरमग्रेनटेक फूड्स एण्ड बेवरेजेस इण्डिया प्रा.लि. एवं मे. सेक्टर सेवन फूड्स प्रा.लि.1150.00630
2.       सिवनीबड़ेबाबा मेटेलिक प्रा.लि.340.80450
3.       बालाघाटश्री गुरुदेव राइस इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड.310.08805
4.       बालाघाटविसाग बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड210.00250
5.       जबलपुरजबलपुर बायोफ्यूल्स200.00111
6.       सीहोरगोविन्द मिल्क एण्ड मिल्क प्रोडक्ट्स150.00210
7.       सिवनीजनक फूड्स2.0015
8.       मण्डलामाउंट कैलाश एग्री फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड5.0035
9.       मण्डलाजबलपुर कमर्शियल नेटवर्किंग एंड कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड1.0014
10.   छिंदवाड़ास्नेह ग्लोबल केम्स प्राइवेट लिमिटेड1.2030
11.   मण्डलास्टील क्लैड इन्फ्रा सॉल्यूशन1.2125
12.   मण्डलादी ऑल सॉल्यूशन्स0.9215
13.   मण्डलापीके राइस एंड जनरल मिल्स एलएलपी1.5017
14.   कटनीकिआरा इम्पेक्स1.259
15.   सिवनीविट फूड केम प्राइवेट लिमिटेड7.0035
योग2381.962651
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरसिंहपुर जिला गन्ने की फसल के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल के लिए स्प्रिंक्लर सिंचाई का लक्ष्य बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह हमारा संकल्प है कि कृषकों की आय को बढ़ाया जायेगा। हमारी सरकार का प्रयास है कि कृषकों को उनके उत्पादों के सही दाम मिले। खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों की अधिक से अधिक स्थापना होगी। खेती, बागवानी, फल-सब्जी उत्पादन सभी क्षेत्रों में बजट को बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य की प्रगतिशील नीतियों से निवेशकों की कठिनाईयों को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
प्रमुख निवेश प्रस्ताव
क्र.जिलाइकाई का नामप्रस्तावितनिवेश(करोड़ रूपये)प्रस्तावितरोजगारक्षेत्र
1.सिवनीविस्तार एग्री फूड्स प्रा.400500कृषि/खाद्य उत्पाद
2.नरसिंहपुरकाकड़ा मेटल्स प्रा. लि.400500कृषि/खाद्य उत्पाद
3.नरसिंहपुरधारणी शुगर मिल प्रा. लि.300500कृषि/खाद्य उत्पाद
4.नरसिंहपुर1 मार्चे एलएलपी160140ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा
5.नरसिंहपुरभूमि साहू100250शिक्षा
6.नरसिंहपुरमेसर्स विजय कुमार लुनावत415ऊर्जा
7.नरसिंहपुरजैन पॉली प्लास्टिक्स2.58प्लास्टिक उत्पाद
योग1366.51913
नरसिंहपुर में कृषि आधारित और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं: मंत्री श्री पटेलपंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने “कृषि उद्योग समागम-2025” के नरसिंहपुर जिले में आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हार्दिक अभिनंदन और आभार माना। उन्होंने देश भर से आए निवेशको/ उद्योपतियों का आयोजन में सम्मिलित होने पर आभार भी व्यक्त किया।मंत्री श्री पटेल ने कहा कि नरसिंहपुर जिले के कृषकों ने अनुसंधान एवं नवीन तकनीकों को अपनाकर प्रदेश और देश की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुर प्रदेश का सर्वाधिक गन्ना उत्पादक जिला है, जहां सर्वाधिक शुगर फैक्ट्रियां स्थापित हैं। जिले में कृषि के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहा है आशातीत विकास : मंत्री श्री राजपूतखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि जब से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की बागडोर संभाली है, तब से मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में आशातीत प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में औद्योगिक समृद्धि और कृषि नवाचार के बीच समन्वय स्थापित कर राज्य को नई ऊंचाइयों पर अग्रसर किया जा रहा है। श्री राजपूत ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) में स्थानीय उद्योगपतियों को आमंत्रित कर सीधे संवाद की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेश और उद्योग स्थापना की प्रक्रियाएं तेज हुई हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से आवश्यक स्वीकृतियां अब त्वरित गति से प्राप्त हो रही हैं। परिणामस्वरूप कई स्थानीय उद्यमियों ने अपने उद्योग स्थापित भी कर लिए हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं।अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री अनुपम राजन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश में कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं, और इन्हीं संभावनाओं को औद्योगिक विकास से जोड़कर रोजगार के व्यापक अवसर सृजित किए जा सकते हैं। यहां की प्रगतिशील औद्योगिक नीतियां, उद्योग-अनुकूल माहौल और बुनियादी सुविधाएं खाद्य प्रसंस्करण सहित समग्र औद्योगिक विकास के लिए श्रेष्ठ परिस्थितियां उपलब्ध कराती हैं।प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा निवेशकों के हित में बनाई गई नीतियां देशभर में मिसाल बन रही हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का ऐसा राज्य है, जहां एमएसएमई नीति और स्टार्टअप नीति को सबसे उत्कृष्ट माना जा रहा है। उद्योगों के साथ-साथ कृषि आधारित निवेश को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार ने ठोस रणनीति तैयार की है। प्रमुख सचिव श्री सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि और उद्योग के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।नरसिंहपुर में पहला ऐतिहासिक समागम: कृषि और उद्योग का अनूठा संगम: श्री माहेश्वरीनर्मदा शुगर फैक्ट्री के प्रबंध संचालक श्री विवेक माहेश्वरी ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से कृषि और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु स्थापित किया गया है। उन्होंने नरसिंहपुर जिले के किसानों का आभार प्रकट करते कहा कि गन्ने से एथेनॉल का उत्पादन भी हो रहा है, जिससे देश का पेट्रोलियम आयात घट रहा है और भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।सम्मेलन में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, सांसद नर्मदापुरम चौधरी दर्शन सिंह, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, सांसद मंडला श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, क्षेत्रीय विधायक श्री विश्वनाथ सिंह पटेल व श्री महेन्द्र नागेश, जनप्रतिनिधि, कृषि उद्यमी, कृषि नवाचार कम्पनियां उपस्थित रहे।
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