बिलासपुर यूनिवर्सिटी विवाद: नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करने वाले प्रोफेसरों को कोर्ट से नहीं मिली राहत

हाईकोर्ट का फैसला: यूनिवर्सिटी में जबरन नमाज़ का मामला, एफआईआर बरकरार!-गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में ईद के दिन छात्रों को जबरन नमाज़ पढ़वाए जाने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सात प्रोफ़ेसरों की एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है। आइए, इस मामले की पूरी जानकारी जानते हैं।
छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप-एनएसएस कैंप के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें ईद के दिन जबरदस्ती नमाज़ पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। 26 मार्च से 1 अप्रैल तक चले शिवतराई गांव के इस कैंप में छात्रों का कहना है कि उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई गई और उन्हें अपनी मर्ज़ी के खिलाफ काम करने के लिए मजबूर किया गया। यह मामला धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला है और छात्रों ने इसकी शिकायत की।
सात प्रोफ़ेसरों के खिलाफ़ एफआईआर-छात्रों की शिकायत के बाद, कोटा थाने में सात प्रोफ़ेसरों के खिलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर में कई गंभीर धाराएँ शामिल हैं, जिनमें सजा का प्रावधान है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जाँच शुरू कर दी है। यह दिखाता है कि पुलिस इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रही है।
कौन हैं आरोपी प्रोफ़ेसर?-आरोपी प्रोफ़ेसरों में एनएसएस समन्वयक दिलीप झा, मधुलिका सिंह, सूर्यभान सिंह, डॉ. ज्योति वर्मा, प्रशांत वैष्णव, बसंत कुमार और डॉ. नीरज कुमारी शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने हिंदू छात्रों को नमाज़ पढ़ने के लिए मजबूर किया। इन प्रोफ़ेसरों ने एफआईआर रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई।
हाईकोर्ट का कड़ा रुख-छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रोफ़ेसरों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामला गंभीर है और पुलिस जांच ज़रूरी है। इस फैसले से एफआईआर बरकरार रहेगी और जांच आगे बढ़ेगी। कोर्ट का यह फैसला दिखाता है कि धार्मिक मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भी सवाल-इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की और मामले को दबाने की कोशिश की। यूनिवर्सिटी प्रशासन पर निष्पक्ष जाँच और जवाबदेही की मांग उठ रही है। यह घटना शिक्षा जगत के लिए एक चिंता का विषय है।



