Ola Electric को तगड़ा झटका: भारी घाटे के बाद शेयर 10% तक गिरे, कंपनी ने किया बड़ा ऐलान

ओला इलेक्ट्रिक: मुनाफ़े से दूर, लेकिन उम्मीदें बरकरार?- ओला इलेक्ट्रिक के हालिया वित्तीय परिणामों ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। शेयरों में भारी गिरावट और बढ़ते घाटे ने कंपनी की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं क्या है पूरी कहानी।
शेयरों में आई जबरदस्त गिरावट- पिछले हफ़्ते ओला के शेयरों में करीब 10% की भारी गिरावट देखी गई। BSE पर शेयर 9.71% गिरकर ₹48.07 पर और NSE पर 9.72% गिरकर ₹48.06 पर बंद हुए। यह गिरावट कंपनी के बढ़ते घाटे की खबरों के बाद आई है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
मार्च तिमाही में भारी घाटा: दोगुना से ज़्यादा- मार्च 2025 की तिमाही में ओला को ₹870 करोड़ का घाटा हुआ, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले दोगुना से भी ज़्यादा है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹416 करोड़ का घाटा हुआ था। यह साफ़ है कि कंपनी को मुनाफ़े में आने में अभी समय लगेगा।
राजस्व में भारी कमी: चिंता का विषय- ओला की परिचालन कमाई में भी भारी गिरावट आई है। यह ₹1,598 करोड़ से घटकर ₹611 करोड़ रह गई है। बढ़ते खर्च और घटती कमाई से घाटा और बढ़ रहा है। कंपनी को अपने बिज़नेस मॉडल में बदलाव की सख्त ज़रूरत है।
वित्त वर्ष 2025 का नुकसान: बढ़ता हुआ घाटा- वित्त वर्ष 2025 में ओला को कुल ₹2,276 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि पिछले साल यह ₹1,584 करोड़ था। यह 43% की बढ़ोतरी दर्शाता है। कुल कमाई भी ₹5,010 करोड़ से घटकर ₹4,514 करोड़ रह गई है।
कंपनी का दावा: अगले साल मुनाफ़ा?- ओला का दावा है कि वह अगले वित्त वर्ष 2026 तक मुनाफ़े में आ जाएगी। कंपनी का कहना है कि वह राजस्व बढ़ाने और परिचालन दक्षता पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कंपनी अपने इस दावे पर खरी उतर पाती है।
ग्रॉस मार्जिन में सुधार: एक सकारात्मक संकेत- हालांकि, कुछ अच्छी खबर भी है। वित्त वर्ष 2025 में ओला के ग्रॉस मार्जिन में 38% का सुधार हुआ है। अगली तिमाही में भी इसी तरह का सकारात्मक रुझान दिखाई दे रहा है। यह लागत नियंत्रण के प्रयासों का संकेत है।



