International

‘भारत ने अब और बर्दाश्त नहीं’: अमेरिका पहुंचे शशि थरूर की अगुआई वाला प्रतिनिधिमंडल, आतंकवाद पर दिया बड़ा संदेश

 भारत की आवाज़ अमेरिका में: एक नया अध्याय-यह लेख भारत के एक सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के अमेरिका दौरे पर केंद्रित है, जिसका नेतृत्व दिग्गज नेता शशि थरूर कर रहे हैं। इस दौरे का उद्देश्य अमेरिका को भारत की सुरक्षा चिंताओं और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति दृष्टिकोण से अवगत कराना है।

 ऑपरेशन सिंदूर: एक नया मोड़-हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को और मज़बूत किया है। यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है और यह स्पष्ट करता है कि भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। इस ऑपरेशन से भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में एक नया आयाम जुड़ गया है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

पाकिस्तान की भूमिका: सच्चाई का सामना-पाकिस्तान की आतंकवाद में भूमिका को लेकर भारत ने अमेरिका के समक्ष अपनी बात रखी है। भारत ने पाकिस्तान द्वारा आतंकवादियों को पनाह देने और उनके कारनामों को बढ़ावा देने के आरोपों पर जोर दिया है। यह स्पष्ट किया गया है कि पाकिस्तान की इस नीति से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को गंभीर खतरा है। भारत ने अमेरिका से इस मुद्दे पर सहयोग की अपील की है।

 शांति की चाहत, मजबूती के साथ-भारत ने स्पष्ट किया है कि वह शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। यह संदेश अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल को दिया गया है। भारत ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह एक संतुलित दृष्टिकोण है जो शांति की इच्छा और सुरक्षा की आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित करता है।

 कॉपी-पेस्ट डिप्लोमेसी: एक तंज-पाकिस्तान के अमेरिका दौरे पर भारत ने तंज कसा है। भारत ने पाकिस्तान की नीतियों की तुलना ‘कॉपी-पेस्ट डिप्लोमेसी’ से की है। भारत ने कहा है कि पाकिस्तान की नीतियाँ भारत की नकल मात्र हैं, लेकिन वे असली नहीं हैं। यह व्यंग्य पाकिस्तान की नीतियों की कमज़ोरियों को उजागर करता है।

वैश्विक स्तर पर भारत की मुहिम-यह अमेरिका दौरा भारत के 33 देशों में चल रहे एक व्यापक राजनयिक अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य पाकिस्तान के आतंकवादी नेटवर्क को बेनकाब करना और वैश्विक समुदाय को इस मुद्दे के प्रति जागरूक करना है। यह एक बहुआयामी दृष्टिकोण है जो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

हालिया तनाव और आगे का रास्ता-पहलगाम हमले के बाद हुए तनाव और भारत के जवाबी हमले पर भी चर्चा हुई। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी हमले का कड़ा जवाब देगा। हालांकि, भारत ने शांतिपूर्ण समाधान की अपनी इच्छा भी दोहराई है। यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि भारत सुरक्षा और शांति दोनों को महत्व देता है।

भारत का संदेश: शांति, लेकिन मजबूती से-अंत में, भारत ने यह स्पष्ट किया है कि वह शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा। यह संदेश स्पष्ट, सटीक और विश्वासपूर्ण है। यह भारत के दृष्टिकोण को पूरी तरह से दर्शाता है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button