संजय कपूर की रहस्यमयी मौत और अंतिम संस्कार की गुत्थी: 6 दिन बाद भी जवाब अधूरे

पोलो मैदान की मौत: संजय कपूर का रहस्यमय अंत?-यह खबर सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया! प्रसिद्ध बिज़नेसमैन और करिश्मा कपूर के पूर्व पति संजय कपूर का 12 जून को इंग्लैंड में पोलो खेलते हुए निधन हो गया। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि खेल के दौरान उन्होंने गलती से एक मधुमक्खी निगल ली, जिससे उन्हें दिल का दौरा पड़ गया और उनकी मौत हो गई। लेकिन क्या सच में यही वजह है? इस घटना के कई पहलू अभी भी रहस्य में डूबे हुए हैं।
अंतिम संस्कार में देरी क्यों?-संजय कपूर के निधन के बाद से छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। यह देरी कई सवाल खड़े करती है। कहा जा रहा है कि उनके पार्थिव शरीर को अभी तक परिवार को नहीं सौंपा गया है और कानूनी प्रक्रियाओं में अड़चनें आ रही हैं। क्या है इस देरी की असली वजह? क्या इसमें कोई और राज़ छुपा है?
अमेरिकी नागरिकता और कानूनी उलझनें-संजय कपूर अमेरिकी नागरिक थे और उनकी मृत्यु इंग्लैंड में हुई। इसलिए, उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए अमेरिका, इंग्लैंड और भारत, तीनों देशों की कानूनी प्रक्रियाओं से गुज़रना पड़ रहा है। ये कानूनी पेचीदगियाँ अंतिम संस्कार में देरी का मुख्य कारण बताई जा रही हैं। क्या ये कानूनी प्रक्रियाएँ इतनी जटिल हैं या फिर कुछ और भी है?
क्या लंदन में ही हुआ अंतिम संस्कार?-कुछ रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर अटकलें लगाई जा रही हैं कि शायद कानूनी उलझनों से बचने के लिए संजय कपूर का अंतिम संस्कार लंदन में ही कर दिया गया हो। लेकिन इस बारे में न तो परिवार ने कोई पुष्टि की है और न ही किसी अधिकारी ने कोई बयान दिया है। यह अटकलें इस घटना को और भी रहस्यमय बना रही हैं।
प्रिया सचदेव की चुप्पी और परिवार की बेचैनी-संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव उनके निधन के बाद से मीडिया से दूर हैं और सोशल मीडिया पर भी चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने अपना सोशल मीडिया अकाउंट भी प्राइवेट कर दिया है। उनकी चुप्पी और परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान न आने से लोगों में बेचैनी बढ़ रही है। क्या इस चुप्पी के पीछे कोई खास वजह है?
संजय कपूर का परिवार-संजय कपूर का परिवार दिल्ली में रहता है। उनके परिवार में उनकी पत्नी प्रिया सचदेव, बेटा आजरियस, सौतेली बेटी सफीरा और माँ रानी कपूर शामिल हैं। उनके पिता का निधन 2015 में हो चुका है और उनकी दो बहनें विदेश में रहती हैं। परिवार की ओर से अभी तक अंतिम संस्कार की कोई जानकारी नहीं दी गई है। क्या परिवार इस दुःख की घड़ी में खुद को संभाल पा रहा है?



