शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स-निफ्टी फिसले, Axis Bank के कमजोर नतीजों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से मायूसी

शेयर बाजार में आई गिरावट: क्या है वजह?-शुक्रवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 185 अंक गिरकर 82,073.57 पर आ गया, और निफ्टी भी लगभग 45 अंक लुढ़ककर 25,066.05 पर आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों के खराब नतीजे और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार का माहौल थोड़ा डरपोक हो गया है। बैंकिंग क्षेत्र पर इसका सबसे ज्यादा असर दिखाई दिया।
एक्सिस बैंक के नतीजे: चिंता का सबब-एक्सिस बैंक के जून तिमाही के नतीजे उम्मीद से काफी कम रहे। कंपनी का मुनाफा 3% घटकर ₹6,243.72 करोड़ रह गया। गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) और कर्ज की नीति में बदलाव से कंपनी के मुनाफे पर सीधा असर पड़ा। एक्सिस बैंक का GDR भी 4.8% गिरकर $64.30 पर आ गया, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में और भी निराशा फैल गई।
कुछ कंपनियों में गिरावट, कुछ में बढ़त-एक्सिस बैंक के अलावा, भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में भी गिरावट देखी गई। लेकिन, इस गिरावट के बीच पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, और टाटा मोटर्स जैसे शेयरों ने बढ़त दर्ज की, जिससे बाजार में थोड़ी राहत मिली।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली: बड़ी चिंता-विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली बाजार में गिरावट का एक मुख्य कारण है। गुरुवार को FII ने ₹3,694.31 करोड़ के शेयर बेचे। जुलाई में भारतीय बाजार में 1.6% की गिरावट आ चुकी है। इस साल की शुरुआत में FII तीन महीने तक लगातार शेयर बेचते रहे, फिर तीन महीने खरीदार बने, लेकिन जुलाई में फिर से बिकवाली का रुझान दिखाई दे रहा है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल-एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया और जापान के बाजार गिरे, लेकिन चीन और हांगकांग के बाजार बढ़े। अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे थोड़ी राहत मिली। कच्चे तेल की कीमतों में भी मामूली गिरावट आई।
आगे क्या?-अभी बाजार में सावधानी बरतने की जरूरत है। जब तक कंपनियों के नतीजे बेहतर नहीं होते या विदेशी निवेशकों का रुख नहीं बदलता, तब तक निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। अगर कोई बड़ा सकारात्मक संकेत नहीं आता है, तो गिरावट कुछ और दिन जारी रह सकती है।



