क्या कच्छ फिर हिला? सुबह 3.3 तीव्रता का झटका, खतरे की चेतावनी क्यों बढ़ी?

कच्छ का भूकंप: क्या हमें डरना चाहिए?-सुबह 9:52 बजे गुजरात के कच्छ में धरती हिली। 3.3 तीव्रता के इस हल्के झटके ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। खुशकिस्मती से कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लोगों के मन में डर ज़रूर है। आखिर कच्छ भूकंपों के लिए जाना जाता है।
कच्छ: भूकंपों का इलाका-कच्छ इलाका भूकंप के लिहाज़ से बहुत संवेदनशील है। इसे ‘हाई रिस्क जोन’ माना जाता है। यहाँ आए दिन छोटे-मोटे झटके महसूस होते रहते हैं। इसकी वजह है इस इलाके की भूगर्भीय संरचना। ज़मीन के अंदर की प्लेटें यहाँ बहुत सक्रिय हैं, जिससे भूकंप आते हैं। 2001 का भूकंप सबके ज़ेहन में ताज़ा है, जिसने हज़ारों लोगों की जान ले ली थी। इसलिए, हर छोटा सा झटका लोगों में डर पैदा करता है।
2001 का भूकंप: एक भयानक याद-26 जनवरी 2001 का भूकंप 7.7 तीव्रता का था। ये भारत के इतिहास का सबसे विनाशकारी भूकंपों में से एक था। लगभग 13,800 लोगों की मौत हुई थी और 1.67 लाख से ज़्यादा लोग घायल हुए थे। हज़ारों घर और इमारतें ध्वस्त हो गई थीं। कई गाँव और कस्बे पूरी तरह तबाह हो गए थे। आज भी, उस भयानक घटना की यादें लोगों के दिलों में हैं और हर छोटा सा झटका उन यादों को ताज़ा कर देता है। इसलिए, लोगों में चिंता होना स्वाभाविक है।



