NSDL के शेयरों की धाक: लिस्टिंग के पहले ही दिन 15% प्रीमियम, IPO को मिला 41 गुना सब्सक्रिप्शन

NSDL के शेयरों ने बाजार में मारी धूम!-NSDL (नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड) के शेयरों ने बुधवार को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। लिस्टिंग के दिन ही शेयरों ने 15% तक का प्रीमियम हासिल किया, जो निवेशकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। आइए, इस सफल लिस्टिंग के बारे में विस्तार से जानते हैं।
शानदार शुरुआत: 15% का प्रीमियम!-NSDL के शेयर बीएसई पर 880 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए, जो इसके इश्यू प्राइस 800 रुपये से लगभग 10% अधिक था। लेकिन यहीं नहीं रुका, थोड़ी देर बाद यह और ऊपर चढ़कर 920 रुपये तक पहुँच गया! यह 15% का जबरदस्त प्रीमियम था, जिससे कंपनी का मार्केट कैप सीधे 18,249 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह और भी खास इसलिए है क्योंकि इस दिन बाजार में हल्की गिरावट चल रही थी और सेंसेक्स 102 अंक नीचे था। इसका मतलब है कि NSDL के शेयरों ने बाजार की नकारात्मकता के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया।
IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स-NSDL के 4,011 करोड़ रुपये के IPO को निवेशकों ने हाथों हाथ लिया। बिडिंग के आखिरी दिन यह 41 गुना सब्सक्राइब हुआ था! यह दिखाता है कि निवेशकों को कंपनी में कितना भरोसा है। इश्यू प्राइस बैंड 760 से 800 रुपये तय किया गया था। लिस्टिंग से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों से 1,201 करोड़ रुपये जुटा लिए थे। यह IPO पूरी तरह से Offer For Sale (OFS) था, जिसमें NSE, SBI, HDFC बैंक, IDBI बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और SUUTI ने अपने शेयर बेचे। चूँकि यह इश्यू पूरी तरह OFS था, इसलिए इस IPO से कंपनी को सीधे तौर पर कोई पैसा नहीं मिला।
देश की दूसरी लिस्टेड डिपॉजिटरी-इस लिस्टिंग के साथ, NSDL देश की दूसरी पब्लिकली लिस्टेड डिपॉजिटरी बन गई है। CDSL पहले से ही लिस्टेड है। NSDL भारतीय सिक्योरिटी और फाइनेंशियल मार्केट में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह SEBI रजिस्टर्ड मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन है जो निवेशकों को सिक्योरिटी डीमैट, ट्रांजैक्शन और दूसरी सुविधाएँ प्रदान करता है। 1996 में डिपॉजिटरीज एक्ट के बाद कंपनी ने भारत में सबसे पहले सिक्योरिटीज के डीमैटेरियलाइजेशन की शुरुआत की थी, जिससे शेयर बाजार में ट्रेडिंग आसान और सुरक्षित हो गई।



