भोपाल में नवरात्रि पर नॉनवेज पर प्रतिबंध, भक्तों के लिए सात्विक माहौल सुनिश्चित

नवरात्रि में नॉनवेज पर पाबंदी: जानिए क्या है पूरा मामला?
भोपाल में मांस-मछली की बिक्री पर रोक-भोपाल शहर में नवरात्रि के पावन अवसर पर एक अहम फैसला लिया गया है। प्रशासन ने आदेश जारी किया है कि 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक किसी भी तरह के मांस, मछली या मुर्गे की बिक्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। यह कदम लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और त्योहार के माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि भक्तगण पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ माँ दुर्गा की आराधना कर सकें।
अन्य शहरों में भी यही नियम लागू-यह प्रतिबंध सिर्फ भोपाल तक ही सीमित नहीं है। इंदौर, मैहर और प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी नवरात्रि के दौरान नॉन-वेज की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन का यह निर्णय खासकर गरबा और अन्य धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखकर लिया गया है, जहाँ बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं और वे सात्विक भोजन को प्राथमिकता देते हैं। इसका मकसद पूजा-पाठ के माहौल को और भी पवित्र और भक्तिमय बनाना है।
सात्विक भोजन क्यों है ज़रूरी?-हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व माँ दुर्गा को समर्पित है और इस दौरान विशेष रूप से सात्विक भोजन को महत्व दिया जाता है। माना जाता है कि नॉन-वेज जैसी तामसिक चीजें मन में नकारात्मक भावनाएं जैसे क्रोध और अहंकार को बढ़ा सकती हैं। आयुर्वेद और ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, नवरात्रि में हल्का और शुद्ध भोजन करने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन भी शांत और एकाग्र होता है, जिससे माँ की भक्ति में लीन होना आसान हो जाता है।



