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अंडमान के समंदर में मिला नेचुरल गैस का खजाना, Oil India की बड़ी खोज

अंडमान में छिपे खजाने का खुलासा! भारत की ऊर्जा सुरक्षा को नई उड़ान

अंडमान द्वीप समूह के पास एक बड़ी खुशखबरी आई है! सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने समुद्र में नेचुरल गैस के विशाल भंडार की खोज की है। यह खोज भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे हमारी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। आइए, इस रोमांचक खोज के बारे में विस्तार से जानते हैं।

गैस की खोज: उम्मीदों का नया दौर

ऑयल इंडिया लिमिटेड ने अंडमान द्वीप समूह के पास विजयपुरम-2 नाम के एक कुएं में नेचुरल गैस की मौजूदगी का पता लगाया है। कंपनी ने बताया कि शुरुआती जांच में गैस के संकेत मिले हैं। अभी तक यह पता नहीं चला है कि यह भंडार कितना बड़ा है, लेकिन यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह खोज इस बात का संकेत है कि अंडमान में और भी बहुत कुछ छिपा हो सकता है।

टेस्टिंग से मिली सफलता

कंपनी ने बताया कि शुरुआती टेस्टिंग के दौरान गैस का थोड़ा-थोड़ा प्रवाह मिला। गैस के नमूनों की जांच से इसकी पुष्टि हुई है। अब गैस की उत्पत्ति और गुणों को समझने के लिए आगे की स्टडी की जा रही है। यह खोज अंडमान में चल रहे खोज अभियान की पहली बड़ी सफलता है, जो भविष्य में और भी बड़ी खोजों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

भारत की ऊर्जा जरूरतों को सहारा

भारत अपनी तेल की जरूरतों का लगभग 88 प्रतिशत और गैस की जरूरतों का लगभग 50 प्रतिशत आयात करता है। ऐसे में, घरेलू स्तर पर गैस की खोज बहुत जरूरी है। ऑयल इंडिया और ONGC दोनों ही अंडमान सागर में हाइड्रोकार्बन की खोज कर रहे हैं। इस खोज से उम्मीद है कि भारत की ऊर्जा निर्भरता कम होगी और हम आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

भविष्य की रणनीति को मिलेगी दिशा

ऑयल इंडिया का कहना है कि शुरुआती मूल्यांकन से पता चलता है कि यहां हाइड्रोकार्बन के स्रोत, रास्ते या भंडार हो सकते हैं। यह जानकारी आगे की ड्रिलिंग की योजना बनाने में मदद करेगी। कंपनी अतिरिक्त जांच करके संभावित क्षेत्रों का भी मूल्यांकन कर रही है। इससे भविष्य में और बड़ी खोजें होने की उम्मीद है, जो भारत के लिए फायदेमंद होंगी।

पहली बार अंडमान बेसिन में हाइड्रोकार्बन की पुष्टि

ऑयल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि यह कुआं अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से लगभग 17 किलोमीटर दूर और 295 मीटर की गहराई पर खोदा गया था। शुरुआती टेस्टिंग में 2,212 से 2,250 मीटर की गहराई पर गैस मिली, जिसमें लगभग 87 प्रतिशत मीथेन थी। यह अंडमान बेसिन में हाइड्रोकार्बन की पहली आधिकारिक पुष्टि है, जो एक बड़ी सफलता है।

पुरी का बड़ा बयान: अंडमान में है गैस का खजाना

पुरी ने कहा कि यह खोज हमारी लंबे समय से चली आ रही सोच को सही साबित करती है कि अंडमान बेसिन में प्राकृतिक गैस का भंडार है। यहां की संभावनाएं म्यांमार से लेकर इंडोनेशिया तक फैले इस पूरे क्षेत्र की खोजों से मिलती हैं। हालांकि, गैस का भंडार कितना बड़ा है और यह व्यापार के लिए कितना फायदेमंद होगा, यह आने वाले महीनों में पता चलेगा।

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