अविका गौर और मिलिंद चंदवानी की शादी: चाय की चुस्कियों से मंडप तक की फिल्मी लव स्टोरी

हैदराबाद की चाय से शुरू हुआ प्यार: अविका और मिलिंद की खूबसूरत प्रेम कहानी
प्यार की कहानियाँ हमेशा हमें मोहित करती हैं, खासकर जब वे दो अलग-अलग दुनिया के लोगों को एक साथ लाती हैं। आज हम आपको मिलवाते हैं अविका गौर और मिलिंद चंदवानी से, जिनकी प्रेम कहानी सादगी, धैर्य और एक-दूसरे के प्रति अटूट समर्थन की मिसाल है। तो चलिए, इस खूबसूरत सफर की शुरुआत करते हैं!
पहली मुलाकात: दोस्ती की शुरुआत
साल 2020 में, जब दुनिया कोविड-19 से जूझ रही थी, अविका हैदराबाद में एक प्रोजेक्ट पर काम कर रही थीं। यहीं उनकी मुलाकात मिलिंद से हुई, जो एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी। यह मुलाकात एक कैजुअल चाय पार्टी से शुरू हुई, जहाँ हंसी-मजाक और हल्की-फुल्की बातचीत ने दोस्ती की नींव रखी।
मिलिंद, जो आईआईएम से ग्रेजुएट हैं और एक पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी हैं, एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। वह “कैंप डायरीज” नामक एनजीओ चलाते हैं, जहाँ वंचित बच्चों को रचनात्मक शिक्षा दी जाती है। अविका, जो ग्लैमर की दुनिया में रहती हैं, मिलिंद के सादे और जमीन से जुड़े स्वभाव से बहुत प्रभावित हुईं।
अविका ने एक पॉडकास्ट में मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें पहली नजर में ही मिलिंद अच्छे लगे थे, लेकिन उन्होंने उन्हें फ्रेंड जोन में डाल दिया। दोस्ती का यह सफर अगले छह महीनों तक धीरे-धीरे पनपता रहा, धैर्य और समझदारी से।
फ्रेंड जोन से लव तक: धैर्य और समझदारी की कसौटी
कई रिश्ते जल्दबाजी में शुरू होते हैं और जल्दी ही खत्म हो जाते हैं, लेकिन अविका और मिलिंद का रिश्ता इस मामले में अलग था। छह महीने की दोस्ती के बाद, मिलिंद ने आखिरकार अपनी भावनाएं जाहिर कीं। उन्होंने साफ कहा कि वे रिश्ते को लेकर गंभीर हैं और एक मजबूत नींव पर शुरुआत करना चाहते थे।अविका के लिए, मिलिंद पहले ही उनके दिल में बस चुके थे। उन्होंने मिलिंद का इंतजार किया और इस धैर्य ने उनके रिश्ते को और मजबूत बनाया।पिछले पांच सालों में, अविका फिल्मों और टीवी शो में व्यस्त रहीं, जबकि मिलिंद अपने एनजीओ और बच्चों के भविष्य को संवारने में लगे रहे। दोनों ने एक-दूसरे के काम और सपनों का समर्थन किया। उनकी यह साझेदारी साबित करती है कि प्यार सिर्फ रोमांस नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सपनों में ताकत बनने का नाम है।
फिल्मी प्रपोजल: सबसे आसान ‘हाँ’
अविका के लिए उनका प्रपोजल यादगार था। 11 जून 2025 को मिलिंद ने बेहद रोमांटिक अंदाज में प्रपोज किया। यह एक निजी और सादगी भरा पल था, जिसमें सच्चाई और भावनाएँ थीं।अविका ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “उसने पूछा, मैं हंसी, रोई और जोर से ‘हाँ’ बोला। यह मेरी जिंदगी का सबसे आसान जवाब था।” उन्होंने आगे मजाक में कहा कि वे पूरी तरह फिल्मी हैं – बैकग्राउंड म्यूजिक, स्लो मोशन और आंखों में आंसू – जबकि मिलिंद शांत और प्रैक्टिकल इंसान हैं। यही संतुलन उनकी केमिस्ट्री को अनोखा बनाता है।सगाई के दिन अविका ने हल्के गुलाबी रंग की सिल्क साड़ी पहनी, जबकि मिलिंद ने मैचिंग नेहरू जैकेट। तस्वीरों में साफ दिख रहा था कि दोनों अलग-अलग दुनिया से होने के बावजूद एक-दूसरे को कितनी खूबसूरती से पूरा करते हैं।
शादी का जादू: स्कूटर पर बारात और दोस्तों का साथ
30 सितंबर 2025 को दोनों ने हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की। सबसे खास बात यह रही कि बारात स्कूटर पर आई। मिलिंद ने हेलमेट पहनकर नाचते हुए अपनी दुल्हन तक का सफर तय किया। यह दृश्य बेहद अनोखा और यादगार था।अविका ने रेड-गोल्डन लहंगे में सबका दिल जीत लिया, वहीं मिलिंद पीच शेरवानी में बेहद हैंडसम लगे। शादी का माहौल पूरी तरह फिल्मी था – नाच-गाना, हंसी-खुशी और अपनेपन से भरा हुआ।इस मौके पर कई टीवी और फिल्मी सितारे भी मौजूद थे, जिन्होंने इस जोड़ी को खूब प्यार दिया।
परफेक्ट जोड़ी: स्टारडम और सादगी का संगम
अविका गौर और मिलिंद चंदवानी की शादी दो अलग-अलग दुनियाओं का मिलन है। एक तरफ ग्लैमर और स्टारडम की दुनिया से आई अविका, तो दूसरी तरफ सादगी और सामाजिक बदलाव लाने वाले मिलिंद। यही अंतर उन्हें एक-दूसरे के लिए परफेक्ट बनाता है।अविका कहती हैं कि मिलिंद उन्हें जमीन से जोड़े रखते हैं और असली जिंदगी से जोड़ते हैं। वहीं मिलिंद मानते हैं कि अविका उनकी जिंदगी में रंग और उत्साह भरती हैं। दोनों की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो मानते हैं कि सच्चा प्यार सिर्फ फिल्मों में होता है। यह रिश्ता बताता है कि हकीकत की कहानियां भी उतनी ही जादुई हो सकती हैं।



