छिंदवाड़ा कफ सिरप त्रासदी: सात बच्चों की मौत से मचा हाहाकार

बच्चों की मौत का दर्दनाक सच: जहरीली खांसी की सिरप बनी काल
छिंदवाड़ा में मातम, कफ सिरप ने छीना 7 बच्चों का जीवन-छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश में एक दुखद घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जहरीली खांसी की सिरप पीने से अब तक सात मासूम बच्चों की जान चली गई है। परासिया और छिंदवाड़ा के इलाकों में बच्चों को खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें आ रही थीं। शुरुआती जांच में पता चला है कि Coldrif और Nextro-DS सिरप में कुछ ऐसे जहरीले तत्व मिले थे, जिनकी वजह से बच्चों के गुर्दे (किडनी) फेल हो गए। यह खबर सुनकर हर कोई सदमे में है और परिवारों का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
कमलनाथ का गुस्सा, सरकार पर लापरवाही का आरोप-इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह लापरवाही का नतीजा है। कमलनाथ ने मांग की है कि सरकार को तुरंत शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अभियान चलाना चाहिए। उनका कहना है कि बच्चों की दवा में ब्रेक ऑयल सोल्वेंट जैसी जहरीली चीजें मिलाई जा रही हैं, और प्रशासन समय पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान चलाए गए शुद्धता अभियान का भी जिक्र किया और सरकार से सख्त कदम उठाने का आग्रह किया।
प्रशासन की कार्रवाई और आगे की जांच-इस दुखद घटना के बाद, जिला प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए इन सिरप्स की बिक्री पर रोक लगा दी है। बच्चों के पोस्टमार्टम में ब्रेक ऑयल सोल्वेंट की पुष्टि हुई है, जिससे यह साफ हो गया है कि सिरप में जहर था। प्रशासन ने नमूनों को ICMR और नागपुर लैब में जांच के लिए भेजा है, ताकि जहरीले पदार्थों की पहचान की जा सके। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि अब से ऐसे किसी भी उत्पाद की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सरकार इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और दोषियों को सजा दिलाने की पूरी कोशिश की जा रही है।



