अयोध्या कांड पर केंद्रित प्रतियोगिता मे सफल 172 अभ्यर्थी हवाई जहाज से जाएंगे अयोध्या

संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने कहा है कि रामचरित मानस भारतीय आध्यात्मिकता की रीढ़ है। भारतीय सनातन की पवित्र परम्पराओं के पालन से ही उच्च सामाजिक-पारिवारिक व्यवस्था और उच्च नैतिक मूल्यों का जीवन संभव है। मंत्री सुश्री ठाकुर तुलसी मानस प्रतिष्ठान, जय श्रीराम में संत तुलसीदास रचित रामचरित मानस के अयोध्या कांड पर केन्द्रित प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम घोषित कर रही थीं। प्रतियोगिता का आयोजन तुलसी मानस फाउंडेशन, धार्मिक न्यास एवं दान, संस्कृति एवं पर्यटन तथा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया गया। मंत्री सुश्री ठाकुर ने कहा कि 172 परीक्षार्थी परीक्षा में सफल हुए हैं। जिनमें से 138 सिविल कैटेगरी और 34 स्टूडेंट कैटेगरी के हैं। सफल अभ्यर्थियों को भोपाल से लखनऊ हवाई मार्ग से और लखनऊ से अयोध्या बस द्वारा पहुंचाया जाएगा। विजेताओं को 40-40 के समूह में अयोध्या में रामलला के दर्शन भी कराये जायेंगे. 27 अप्रैल के बाद यात्रा शुरू होगी।
मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि रामचरित मानस में आज भी भारतीय सनातन परम्परा जीवित है। वर्तमान और भावी पीढ़ी को इसका पालन करना चाहिए। इसी पवित्र उद्देश्य के लिए यह प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। यह परीक्षा राज्य के निवासियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई थी, जिसमें कक्षा 9 से 12 तक के स्कूली छात्रों और नागरिकों ने भाग लिया था।
तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्यकारी अध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता 10 अक्टूबर 2022 को ऑनलाइन कराई गई थी। परीक्षा में सिविल वर्ग के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं थी। परीक्षा में कुल 25 हजार 448 अभ्यर्थियों ने फार्म भरा और 22 हजार 852 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।



