MP में ठंड ने दिखाया असली रंग: क्या दिसंबर–जनवरी होगी इस साल की सबसे सर्द रातें?

मध्य प्रदेश में बढ़ती ठंड: पारा गिरा, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से और बढ़ेगा सर्दी का असर- मध्य प्रदेश में ठंड का मौसम इस बार काफी कड़ा होने वाला है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में गिरावट देखी जा रही है और मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले दिनों में यह और तेज होगी। खासकर दिसंबर की शुरुआत में ठंड का असर और बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, 5 दिसंबर से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा, जो हिमालयी इलाकों में बर्फबारी को बढ़ाएगा। इससे ठंडी हवाएं मैदानों की तरफ आएंगी और मध्य प्रदेश में तापमान में भारी गिरावट आएगी। इस वजह से प्रदेश में शीतलहर का खतरा भी बढ़ जाएगा। विभाग ने 5 और 6 दिसंबर को ठंडी हवाओं और तापमान में अचानक गिरावट की चेतावनी दी है। मध्य और उत्तरी जिलों में ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस होगा। नवंबर में ही रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ चुकी है, लेकिन दिसंबर में यह और भी तेज हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय रहने से कई दिनों तक रात का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री कम रह सकता है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। इस ठंड के दौर में लोगों को गर्म कपड़े पहनने और सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
6 जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे, पचमढ़ी सबसे ठंडा- मध्य प्रदेश के कई जिलों में रविवार और सोमवार की रात तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया। राजधानी भोपाल, इंदौर, राजगढ़ समेत कुल 6 जिलों में पारा एक अंकीय तापमान पर पहुंच गया। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान केवल 6.8 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर और राजगढ़ में 8.2 डिग्री, भोपाल में 9.4 डिग्री और रीवा-नौगांव में 9.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा जबलपुर, शिवपुरी, बैतूल, खजुराहो, खंडवा, दतिया और छिंदवाड़ा जैसे शहरों में रात का तापमान 12 डिग्री से नीचे रहा। ग्वालियर और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया। यह गिरावट साफ दिखाती है कि ठंड का असली दौर शुरू हो चुका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जैसे-जैसे पहाड़ों पर बर्फबारी बढ़ेगी और हवा का रुख बदलेगा, तापमान और नीचे जाएगा। कई जिलों में सुबह कोहरा छाने की संभावना भी है, जिससे विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है। इसलिए रात में बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनना जरूरी होगा।
दिसंबर में शुरू होगा असली ठंड का मौसम, कोहरा और कोल्ड डे का असर- मौसम विभाग का अनुमान है कि दिसंबर में मध्य प्रदेश में ठंड का असली मौसम शुरू होगा। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और सागर जैसे जिलों में रात का तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। यानी पूरे महीने कई रातें बेहद ठंडी रहेंगी। विभाग ने यह भी बताया कि दिसंबर में 5 से 7 दिन घना कोहरा छाने की संभावना है, जबकि 3 से 4 दिन कोल्ड-डे की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा 2 से 3 दिन मावठा भी पड़ सकता है, जिससे ठंड और बढ़ेगी।
दिसंबर को मध्य भारत का सबसे ठंडा महीना माना जाता है, लेकिन इस बार ठंड पिछले सालों से ज्यादा कड़ी रहने वाली है। लगातार सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण मौसम में तेजी से बदलाव आएगा और रातें ज्यादा ठंडी होंगी। सुबह के समय नमी बढ़ने से कोहरे की घनी परत कई शहरों में परेशानी पैदा कर सकती है। किसानों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दिसंबर के पहले और दूसरे हफ्ते में तापमान में अचानक गिरावट आ सकती है, जो पूरे प्रदेश में ठंड का असर और बढ़ा देगी।
जनवरी में भी ठंड बरकरार, कई जिलों में पारा 3 डिग्री तक गिर सकता है- ठंड का असर सिर्फ दिसंबर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनवरी में भी यह जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, विदिशा, मुरैना, होशंगाबाद, पिपरिया और देवास जैसे जिलों में रात का तापमान 3 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। यानी जनवरी भी ठंड के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहेगा। साथ ही 8 से 10 दिन घना कोहरा छाने की संभावना है, जिससे सुबह की विजिबिलिटी कम हो सकती है।
जनवरी में 3 से 5 दिन मावठा और 5 से 7 दिन शीतलहर के हालात बन सकते हैं। इसका मतलब है कि प्रदेश में कई दिनों तक कड़ाके की ठंड पड़ेगी, खासकर उत्तर और मध्य इलाकों में। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जनवरी का पहला पखवाड़ा ज्यादा कठिन हो सकता है क्योंकि पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक पहुंचेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि सुबह और रात के समय बाहर निकलते वक्त गर्म कपड़े पहनें और स्वास्थ्य का खास ध्यान रखें।
मध्य प्रदेश में इस बार ठंड का मौसम सामान्य से कहीं ज्यादा कड़ा और लंबा रहने वाला है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने से तापमान में लगातार गिरावट आएगी और शीतलहर का असर भी बढ़ेगा। इसलिए सभी को मौसम की जानकारी पर ध्यान देना और आवश्यक सावधानी बरतना जरूरी है।



