प्रल्हाद जोशी का विपक्ष पर हमला: न्यायपालिका पर दबाव और कर्नाटक की राजनीति पर सवाल

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को लेकर विपक्षी I.N.D.I.A गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे न्यायपालिका को डराने की कोशिश और विपक्ष की असहिष्णुता की पराकाष्ठा बताया है। जोशी ने कहा कि फैसले से असहमति हो तो अपील करें, महाभियोग क्यों लाना चाहते हैं?
फैसले से असहमति हो तो अपील करें, महाभियोग क्यों?- प्रल्हाद जोशी ने कहा कि आज़ाद भारत में पहली बार किसी जज के खिलाफ सिर्फ फैसले के कारण महाभियोग लाया जा रहा है। आमतौर पर महाभियोग भ्रष्टाचार या गंभीर आरोपों पर होता है, न कि फैसले से असहमति पर। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चाहता है कि जज उनके राजनीतिक एजेंडे के मुताबिक फैसला दें, जो संविधान के खिलाफ है।
संविधान की बात करने वाले ही कर रहे हैं अपमान- जोशी ने कहा कि जो नेता हमेशा जेब में संविधान की प्रति लेकर चलते हैं, वे असल में संविधान का अपमान कर रहे हैं। अगर फैसले से असहमति है तो संविधान ने अपील का रास्ता दिया है। सीधे महाभियोग की बात करना न्यायपालिका और संविधान के सम्मान के खिलाफ है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर BJP ने नहीं किया दबाव- जोशी ने उदाहरण दिया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड पर सरकार के खिलाफ फैसला दिया, तब BJP ने किसी जज को हटाने की बात नहीं की। उन्होंने कहा कि विपक्ष की रणनीति न्यायपालिका पर दबाव बनाने और डराने की है, जिसे वे “एंटी-हिंदू सोच” से जोड़ते हैं।
कर्नाटक सरकार पर राजनीतिक अस्थिरता के आरोप- प्रल्हाद जोशी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक अस्थिरता, बदले की राजनीति और कमजोर आर्थिक हालत से जूझ रही है। आलोचकों की आवाज दबाने के लिए हेट स्पीच बिल पास किया गया, जबकि असली मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
खाली पद, बेरोजगारी और केंद्र-राज्य के बीच फर्क- जोशी ने दावा किया कि कर्नाटक में करीब दो लाख सरकारी पद खाली हैं, जिन्हें सरकार भर नहीं पा रही। आर्थिक हालत खराब होने से नियुक्तियां रुकी हैं। इसके विपरीत, केंद्र सरकार रोजगार मेलों के जरिए हर महीने करीब 50 हजार युवाओं को नौकरी दे रही है, जो साफ फर्क दिखाता है।
जन औषधि केंद्र बंद करने पर हाईकोर्ट की फटकार- केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जन औषधि केंद्र बंद करने के आदेश पर हाईकोर्ट ने कांग्रेस सरकार को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि सस्ती दवाइयों से आम लोगों को राहत मिलती है, लेकिन राज्य सरकार ने इसे भी राजनीतिक नजरिए से देखा।
राहुल गांधी पर तंज, बोले—गंभीर नेता नहीं- जोशी ने राहुल गांधी के “वोट चोरी” के आरोपों और विदेशी दौरों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गैर-गंभीर और पार्ट-टाइम नेता हैं, जो सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए बयान देते हैं, जिनका जमीन पर कोई असर नहीं होता।
उत्तर कर्नाटक को लेकर BJP का साफ रुख- उत्तर कर्नाटक को अलग राज्य बनाने की मांग पर जोशी ने कहा कि BJP कर्नाटक की एकता के साथ है। उन्होंने कहा कि विकास के मुद्दों पर न्याय होना चाहिए, लेकिन राज्य को बांटने की राजनीति पार्टी स्वीकार नहीं करती।



