हावड़ा में फिर बढ़ा तनाव, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और BJP कार्यकर्ताओं में झड़प

हावड़ा ब्रिज जाने से रोकने पर भड़का विवाद, पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प- हावड़ा ब्रिज पर रोक से भड़का माहौल
बुधवार को शहर का माहौल फिर से तनावपूर्ण हो गया जब बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की हत्या के खिलाफ निकाले जा रहे प्रदर्शन को पुलिस ने हावड़ा ब्रिज तक पहुंचने से रोक दिया। इस रोक के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। भाजपा समर्थकों और पुलिस के बीच यह झड़प उस वक्त शुरू हुई जब पुलिस ने जुलूस को आगे बढ़ने से मना कर दिया।
पुलिस का सख्त रुख और आम जनता की सुरक्षा-हावड़ा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के नाम पर किसी को भी आम जनता की जिंदगी और यातायात को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने कहा कि वे कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करेंगे और किसी भी अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा और सामान्य स्थिति बनाए रखना है ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो।
प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की-जब पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोका, तो प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ लोगों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश भी की, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई हुई और तनाव बढ़ गया। इस स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की प्रतिक्रिया-इलाके में पहले से बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन जैसे ही प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर नारे लगाने लगे, पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारी आक्रामक हो गए, जिसके कारण उन्हें बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई स्थिति को संभालने के लिए जरूरी थी, ताकि और ज्यादा अव्यवस्था न फैले।
बांग्लादेश में हुई युवक की हत्या का मामला-यह प्रदर्शन बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के बालुका इलाके में 18 दिसंबर को हुई एक दर्दनाक घटना के विरोध में निकाला गया था। वहां 25 वर्षीय कपड़ा फैक्ट्री कर्मचारी दीपु चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और बाद में उसका शव जला दिया। यह घटना कथित रूप से ईशनिंदा के आरोप को लेकर हुई थी, जिससे भारत में भी गुस्सा और विरोध देखने को मिल रहा है।
सीलदह से निकली रैली में भी हुई हिंसा-इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के खिलाफ सैकड़ों लोग बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन तक मार्च कर रहे थे। यह रैली सीलदह से शुरू होकर पार्क सर्कस की ओर बढ़ रही थी, लेकिन बेकबागान इलाके में पुलिस ने इसे रोक दिया। जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई लोग घायल हो गए।



