ईरान में हालात बेहद तनावपूर्ण: अमेरिका ने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने पर विचार करने की अपील

ईरान में बढ़ते संकट के बीच अमेरिका की सख्त चेतावनी: जानिए क्या है हालात और क्या करें-ईरान में सरकार के खिलाफ हो रहे लगातार प्रदर्शन और बिगड़ती कानून व्यवस्था के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एक कड़ी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। अमेरिकी वर्चुअल एम्बेसी ने साफ कहा है कि हालात तेजी से हिंसक हो रहे हैं, इसलिए वहां मौजूद अमेरिकी नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी गई है।
प्रदर्शन और हिंसा का खतरा बढ़ा-13 जनवरी को जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि ईरान के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन लगातार हिंसक होते जा रहे हैं। सुरक्षा बलों की कार्रवाई भी तेज हो गई है, जिससे गिरफ्तारी और चोट लगने का खतरा बढ़ गया है। कई जगह सड़कें बंद हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी प्रभावित है।
संचार व्यवस्था पर कड़ी पाबंदियां-ईरानी सरकार ने मोबाइल नेटवर्क, लैंडलाइन और इंटरनेट सेवाओं पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं। इससे देश में संपर्क करना मुश्किल हो गया है। अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे इंटरनेट बंद रहने की स्थिति के लिए तैयार रहें और वैकल्पिक संचार के तरीके पहले से तय कर लें।
सुरक्षित रास्तों से देश छोड़ने की सलाह-एडवाइजरी में कहा गया है कि अगर हालात अनुमति दें तो अमेरिकी नागरिक जमीनी रास्तों से ईरान छोड़ने पर विचार करें। कुछ सीमाएं फिलहाल खुली हैं, लेकिन यात्रा से पहले अमेरिकी दूतावास से हालात की पुष्टि करना जरूरी है।
कौन-कौन से बॉर्डर खुले हैं-जानकारी के अनुसार, आर्मेनिया का अगारक–नोरदूज़ बॉर्डर खुला है, जहां अमेरिकी पासपोर्ट धारकों को 180 दिन तक वीज़ा-फ्री प्रवेश मिलता है। तुर्की की ओर भी कुछ बॉर्डर खुले हैं, लेकिन स्थिति कभी भी बदल सकती है।
कुछ रास्तों से जाने पर सख्त मनाही-अमेरिकी सरकार ने अफगानिस्तान, इराक और पाकिस्तान–ईरान सीमा के रास्ते से देश छोड़ने की कड़ी मनाही की है। ये इलाके बेहद असुरक्षित हैं, जहां अपहरण और हिंसा का खतरा बना हुआ है।
ड्यूल नागरिकों के लिए ज्यादा खतरा-दोहरी नागरिकता वाले अमेरिकी-ईरानी नागरिकों को खास सतर्क रहने को कहा गया है। ईरान दोहरी नागरिकता को नहीं मानता, इसलिए ऐसे लोगों को केवल ईरानी नागरिक माना जाता है, जिससे गिरफ्तारी और हिरासत का खतरा बढ़ जाता है।
फ्लाइट्स कम, बाहर निकलना मुश्किल-बिगड़ते हालात के कारण कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने ईरान के लिए उड़ानें कम या रद्द कर दी हैं। कुछ सेवाएं 16 जनवरी तक निलंबित हैं, जिससे देश छोड़ना और भी मुश्किल हो गया है।
अमेरिका-ईरान तनाव ने हालात और बिगाड़े-यह चेतावनी ऐसे वक्त आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की बात कही है, जिससे आर्थिक संकट और गहरा गया है और जनता में गुस्सा बढ़ा है।
जो नहीं निकल पा रहे, उनके लिए सलाह-अमेरिका ने कहा है कि वह हर किसी को ईरान छोड़ने में मदद नहीं कर सकता। जो लोग अभी नहीं निकल सकते, उन्हें सुरक्षित जगहों पर रहने, जरूरी सामान इकट्ठा करने और प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
स्विट्जरलैंड निभा रहा है मध्यस्थ की भूमिका-चूंकि अमेरिका और ईरान के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, इसलिए स्विट्जरलैंड का दूतावास अमेरिका के हितों की देखरेख करता है। बढ़ते तनाव के बीच यह चेतावनी आने वाले दिनों में और अस्थिरता का संकेत है।



