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असम में बीजेपी के आधिकारिक हैंडल से विवादित वीडियो पोस्ट, राजनीति में मचा बवाल

असम में बीजेपी के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल से एक विवादित वीडियो पोस्ट होने के बाद देश की राजनीति में नया तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इस वीडियो को अल्पसंख्यकों के खिलाफ “टारगेटेड हिंसा” बताया है और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वीडियो हटाया गया, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर तेजी से फैल चुका था।

वीडियो में क्या था और क्यों हुआ विवाद?-वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा एक राइफल से निशाना साधते और गोली चलाते दिख रहे थे। वीडियो में दो लोग नजर आ रहे थे, जिनमें एक ने स्कल कैप पहनी थी और दूसरे की दाढ़ी थी। कैप्शन में “पॉइंट ब्लैंक शॉट” लिखा गया था। कांग्रेस ने इसे बेहद आपत्तिजनक और खतरनाक बताया, जो समाज में नफरत फैलाने जैसा है।

कांग्रेस का आरोप: यह कोई सामान्य वीडियो नहीं है-कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि यह वीडियो सिर्फ ट्रोलिंग नहीं, बल्कि नफरत फैलाने का प्रयास है। उनका मानना है कि इस तरह के कंटेंट से समाज में जहर घोलने जैसा माहौल बनता है और इसके गंभीर परिणाम होने चाहिए। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

न्यायपालिका से भी हस्तक्षेप की अपील-वेणुगोपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद कम है, इसलिए न्यायपालिका को खुद आगे आकर इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि अदालत को स्वत: संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ बिना किसी नरमी के कदम उठाने चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना: वीडियो हटाना ही काफी नहीं-कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि वीडियो हटाना समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश की संस्थाएं और अदालतें इस पर चुप रहेंगी। वहीं, शमा मोहम्मद ने प्रधानमंत्री को टैग करते हुए कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करते हुए इस तरह के वीडियो पोस्ट करना विरोधाभासी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से भी हस्तक्षेप की मांग की।

विपक्षी नेताओं ने भी उठाए सवाल-शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वीडियो भले ही हटा लिया गया हो, लेकिन कई लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं और यह तेजी से फैल चुका है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए कि ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यह मामला अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है।

असम में बीजेपी के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट हुए इस विवादित वीडियो ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जबकि न्यायपालिका और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और संबंधित संस्थाएं इस मामले में क्या कदम उठाती हैं।

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