‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की रफ्तार तेज: पीएम मोदी ने बताया अगले दशक की तीन बड़ी प्राथमिकताएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार की “रिफॉर्म एक्सप्रेस” का असर आम लोगों तक साफ नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले दस सालों में सरकार तीन मुख्य क्षेत्रों पर खास फोकस करेगी—संरचनात्मक सुधार, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा, और शासन को और आसान बनाना।
अगले दशक की तीन बड़ी प्राथमिकताएं क्या होंगी?-पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सरकार की दिशा तय है, लेकिन इसे सीमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने तीन अहम सुधारों पर जोर दिया—पहला, ऐसे ढांचागत सुधार जो प्रतिस्पर्धा और उत्पादकता बढ़ाएं। दूसरा, तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग और सेवाओं में नवाचार को मजबूत करना। तीसरा, शासन को इतना सरल बनाना कि नागरिकों और कारोबारियों को काम करने में आसानी हो।
सामाजिक क्षेत्र में भी होंगे बड़े बदलाव-प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधार सिर्फ उद्योग और अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी जरूरी बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों के कार्यक्रमों का जिक्र किया, जो पिछड़े इलाकों की तस्वीर बदल रहे हैं। साथ ही, पीएम-जनमन योजना के जरिए वंचित जनजातीय समुदायों तक विकास पहुंचाने की कोशिश जारी है।
‘मैं कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होता’ – पीएम मोदी की सोच-जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अब तक हुए सुधारों से संतुष्ट हैं, तो पीएम मोदी ने कहा कि उनका स्वभाव ऐसा है कि वे कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते। उनका मानना है कि सार्वजनिक जीवन में हमेशा बेहतर करने की चाह होनी चाहिए। देश को आगे बढ़ाने की उनकी इच्छा हमेशा बनी रहती है।
GST, FDI और कानूनों में बदलाव से क्या बदला?-पीएम मोदी ने बताया कि GST के दो-स्लैब ढांचे ने परिवारों, एमएसएमई और श्रम आधारित क्षेत्रों पर बोझ कम किया है। छोटी कंपनियों की परिभाषा बदलने से अनुपालन लागत घट गई है। बीमा क्षेत्र में 100% FDI की अनुमति से मध्यम वर्ग को बेहतर विकल्प मिले हैं। कई पुराने और अप्रासंगिक कानून भी खत्म किए गए हैं।
नए मंत्रालय और श्रम सुधारों से बदली तस्वीर-उन्होंने कहा कि पहले कौशल विकास, मत्स्य पालन, सहकारिता और आयुष जैसे क्षेत्रों के लिए अलग मंत्रालय नहीं थे, लेकिन अब इन पर खास ध्यान दिया जा रहा है। दशकों से लंबित श्रम सुधारों की शुरुआत भी इसी सरकार ने की, जिससे मजदूरों के हित सुरक्षित हुए और उद्योगों को मजबूती मिली।
डिजिटल इंडिया और यूपीआई ने बदली लेन-देन की दुनिया-पीएम मोदी ने बताया कि भारत आज डिजिटल क्षेत्र में दुनिया का अग्रणी देश बन चुका है। यूपीआई प्लेटफॉर्म ने भुगतान प्रणाली को आसान और पारदर्शी बनाया है, जिससे आम नागरिक को सीधा फायदा हुआ है। यह बदलाव लोगों के लेन-देन के तरीके में क्रांतिकारी साबित हुआ है।
स्टार्टअप और MSME को मिला नया सहारा-प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए ऐसा माहौल बनाया गया है जहां उनके सपनों को पूरा करने के मौके मिलते हैं। भारत अब दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है। एमएसएमई के लिए कर्ज की सुविधा बेहतर हुई है, टैक्स प्रक्रिया आसान हुई है और वैश्विक बाजार से जुड़ाव मजबूत हुआ है।
यह बयान सरकार की योजनाओं और सुधारों की दिशा को स्पष्ट करता है, जो आने वाले दशक में देश के विकास की नई राह तय करेंगे।



