सोमवार को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव: कमजोर शुरुआत के बाद निवेशकों ने संभाला कदम

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन थोड़ी देर बाद हालात सुधरने लगे। ग्लोबल संकेत मिले-जुले थे, जिससे शुरुआती दबाव के बाद निवेशकों ने चुनिंदा खरीदारी की। दिनभर सेंसेक्स और निफ्टी में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जो बाजार की अनिश्चितता को दर्शाता है।
कमजोर ओपनिंग के बाद बाजार में तेजी और गिरावट का खेल-सुबह सेंसेक्स 349.81 अंक यानी 0.42% गिरकर 82,276.95 पर खुला, जबकि निफ्टी 98.4 अंक टूटकर 25,372.70 पर आ गया। लेकिन कुछ ही समय में दोनों सूचकांक ने वापसी की। सेंसेक्स 136.04 अंक चढ़कर 82,762.80 और निफ्टी 51.15 अंक बढ़कर 25,522.25 पर ट्रेड करने लगे।
बड़े शेयरों में मिला-जुला रुख, कौन चढ़ा कौन फिसला?-सेंसेक्स की कंपनियों में पावरग्रिड, एचडीएफसी बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, एचसीएल टेक, आईटीसी, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील में तेजी रही। वहीं इंफोसिस, अदानी पोर्ट्स, एसबीआई, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, रिलायंस, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक और टीसीएस में गिरावट देखी गई।
IT सेक्टर पर दबाव, किन सेक्टरों में उम्मीद?-जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य रणनीतिकार वी के विजयकुमार के अनुसार, पिछले हफ्ते की IT बिकवाली का असर अभी जारी रह सकता है। हालांकि शुक्रवार को IT एडीआर में हल्की रिकवरी आई, लेकिन बड़ी राहत की उम्मीद कम है। निवेशक अब वित्तीय, ऑटो, कैपिटल गुड्स, टेलीकॉम और फार्मा सेक्टरों की ओर रुख कर सकते हैं।
कच्चा तेल और 2026 का बाजार नजरिया-ब्रेंट क्रूड करीब 68 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर है। अमेरिका-ईरान के भू-राजनीतिक तनावों के कारण इसमें उतार-चढ़ाव हो सकता है। कुल मिलाकर 2026 के लिए बाजार का नजरिया सकारात्मक है। बुनियादी हालात सुधर रहे हैं और वैल्यूएशन लंबे समय के औसत के करीब हैं। मिड और स्मॉल कैप कंपनियां उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल-एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। हांगकांग का हैंग सेंग 0.4% ऊपर रहा, जबकि जापान का निक्केई 225 लगभग स्थिर रहा। चीन और दक्षिण कोरिया में लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के कारण बाजार बंद थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को मिश्रित रुख के साथ बंद हुए थे।
विदेशी और घरेलू निवेशकों का रुख-एक्सचेंज आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 7,395.41 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,553.96 करोड़ रुपये की खरीदारी की। ब्रेंट क्रूड हल्की बढ़त के साथ 67.78 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
पिछला सत्र क्यों रहा भारी?-शुक्रवार को बाजार में तेज गिरावट आई थी। सेंसेक्स 1,048.16 अंक टूटकर 82,626.76 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 336.10 अंक गिरकर 25,471.10 पर आ गया था। इस वजह से सोमवार की शुरुआत दबाव में रही, लेकिन बाद में बाजार ने संभलने की कोशिश की।
यह बाजार की अस्थिरता और निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है, जो वैश्विक और घरेलू कारकों से प्रभावित हो रही है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा पर नजर बनी रहेगी।



