रायपुर में ऑनलाइन जॉब का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस का बड़ा वार

रायपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत राजस्थान से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन जॉब का झांसा देकर लोगों से लाखों-करोड़ों की ठगी कर रहे थे। इनके खिलाफ देश के कई राज्यों में 13 से ज्यादा साइबर अपराध दर्ज हैं। पुलिस ने इस गिरोह को लंबे समय से सक्रिय बताया है।
वर्क फ्रॉम होम के नाम पर बड़ी ठगी-पुलिस के अनुसार, ठगों ने ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ का झांसा देकर रायपुर के दो लोगों से करोड़ों रुपये ठगे। थाना राखी क्षेत्र के पारस कुमार धीवर से 24 लाख और धरसीवां इलाके के ललित साहू से 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। यह मामला गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम बनाई गई।
जांच और छापेमारी से पकड़े गए दो मुख्य आरोपी-आईजी रायपुर रेंज के निर्देशन में तकनीकी साक्ष्य जुटाकर बैंक खातों की जांच की गई। टेलीग्राम चैट का विश्लेषण कर राजस्थान और महाराष्ट्र में छापेमारी की गई। पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, अब दो मास्टरमाइंड आशीष परिहार और लक्ष्मन देवासी को भी पकड़ा गया है।
गिरोह की चाल और modus operandi-जांच में पता चला कि यह गिरोह ऑनलाइन टास्क और रिव्यू जॉब का लालच देकर लोगों को फंसाता था। फिर उनसे पैसे ट्रांसफर करवाकर गायब हो जाता था। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है।
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए पुलिस की एडवाइजरी-पुलिस ने आम लोगों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर मिलने वाले जॉब ऑफर में सावधानी बरतें। अगर किसी काम के लिए पहले पैसे मांगे जाएं या अनजान लिंक भेजे जाएं तो सतर्क हो जाएं। असली कंपनियां कभी भी पैसे लेकर नौकरी नहीं देतीं।
खुद को सुरक्षित रखने के आसान उपाय-पुलिस का कहना है कि अनजान लिंक या APK फाइल डाउनलोड न करें। केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें। अपना OTP, बैंक डिटेल या UPI पिन किसी के साथ साझा न करें। थोड़ी सावधानी से आप लाखों की ठगी से बच सकते हैं।
रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि साइबर अपराधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जनता को भी सतर्क रहना होगा ताकि वे ठगी के जाल में फंसने से बच सकें।



