AI Impact Summit विरोध: गिरफ्तारी और कोर्ट का सख्त फैसला, जांच तेज

दिल्ली में AI Impact Summit के दौरान विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारी-दिल्ली में AI Impact Summit के दौरान हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर दिल्ली की अदालत ने तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। ये आरोपियों को हिमाचल प्रदेश के एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया गया था। इस कार्रवाई से मामले की गंभीरता साफ झलकती है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
कोर्ट ने पुलिस को दी तीन दिन की हिरासत, 1 मार्च को होगी अगली सुनवाई-मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस की हिरासत की मांग पर फैसला सुनाते हुए तीन दिन की हिरासत मंजूर की है। पुलिस ने पांच दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल तीन दिन दी है। अदालत ने आदेश दिया है कि हिरासत पूरी होने के बाद आरोपियों को 1 मार्च को फिर से पेश किया जाएगा। इससे पता चलता है कि कोर्ट मामले को गंभीरता से देख रहा है।
हिमाचल प्रदेश के रिसॉर्ट से गिरफ्तारी, सुरक्षा के बीच दिल्ली कोर्ट में पेशी-उत्तर प्रदेश के सौरभ और अरबाज खान, साथ ही मध्य प्रदेश के सिद्धार्थ अवधूत को हिमाचल प्रदेश के रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया गया। इन्हें पहले शिमला की अदालत में पेश किया गया, जहां से दिल्ली पुलिस को ट्रांजिट रिमांड मिला। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपियों को दिल्ली लाकर कोर्ट में पेश किया गया।
विरोध प्रदर्शन की योजना और टी-शर्ट प्रिंटिंग की जांच जारी-सरकारी पक्ष ने बताया कि विरोध प्रदर्शन की पूरी योजना पहले से बनाई गई थी। सिद्धार्थ ने प्रदर्शन में इस्तेमाल की गई टी-शर्ट का डिजाइन तैयार किया था, जबकि सौरभ ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, एक लाख से ज्यादा टी-शर्ट प्रिंट की गई थीं। अब पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि टी-शर्ट कहां से प्रिंट हुईं और इस साजिश के पीछे कौन-कौन लोग हैं।
बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक कार्रवाई-आरोपियों के वकील ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि उनके मुवक्किल शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक कारणों से की गई है और कुछ लोगों को उदाहरण बनाने की कोशिश की जा रही है। वकील ने कहा कि पुलिस के पास अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं है।
पहले गिरफ्तार दो आरोपियों की हिरासत भी बढ़ाई गई-इससे पहले गिरफ्तार दो अन्य आरोपियों अजय कुमार और राजा गुजर की पुलिस हिरासत भी तीन दिन के लिए बढ़ा दी गई है। अदालत ने उन्हें गुरुवार को पेश किया था। इससे पुलिस को जांच पूरी करने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने का और समय मिल गया है।
दिल्ली और शिमला पुलिस के बीच 24 घंटे का तनावपूर्ण ड्रामा-गिरफ्तारियों के दौरान दिल्ली और शिमला पुलिस के बीच करीब 24 घंटे तक तनाव बना रहा। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद भी दिल्ली पुलिस की टीम को पांच घंटे तक रोका गया था। बाद में सभी औपचारिकताएं पूरी कर आरोपियों को दिल्ली लाया गया। इस घटनाक्रम ने मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है।
जांच से हो सकते हैं बड़े खुलासे, साजिश की गहराई सामने आएगी-पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही विरोध प्रदर्शन के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आएगी। जांच का फोकस यह जानना है कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे और योजना किस स्तर पर बनाई गई थी। यह मामला केवल विरोध प्रदर्शन का नहीं, बल्कि इसके पीछे की पूरी साजिश और नेटवर्क को समझने का है।
यह मामला अब सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन से बढ़कर एक बड़ी जांच का विषय बन चुका है। पुलिस की जांच से कई नए खुलासे हो सकते हैं जो इस पूरे घटनाक्रम की तह तक जाएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेंगे।



