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भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में फरवरी 2026: बिक्री में जबरदस्त उछाल और भविष्य की चुनौतियां

फरवरी 2026 भारत के ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक सकारात्मक और उत्साहजनक महीना रहा। इस दौरान यात्री वाहनों की बिक्री में अच्छी बढ़त दर्ज हुई, खासकर यूटिलिटी और दोपहिया वाहनों के सेगमेंट में। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव सप्लाई चेन और निर्यात पर असर डाल सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं इस महीने की प्रमुख बातें।

फरवरी में यात्री वाहनों की बिक्री में 10.6% की बढ़त-फरवरी 2026 में कंपनियों से डीलरों को भेजे गए यात्री वाहनों की संख्या में 10.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कुल 4,17,705 यूनिट्स डीलरों को भेजी गईं, जो पिछले साल फरवरी के 3,77,689 यूनिट्स से काफी ज्यादा है। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि बाजार में कारों और अन्य यात्री वाहनों की मांग में अच्छी तेजी आई है।

यूटिलिटी वाहन सेगमेंट में सबसे ज्यादा तेजी-सबसे ज्यादा बढ़ोतरी यूटिलिटी वाहनों की बिक्री में देखी गई, जो 13.5 प्रतिशत बढ़कर 2,36,957 यूनिट्स तक पहुंच गई। एसयूवी और अन्य यूटिलिटी वाहनों की मांग में यह उछाल पूरे यात्री वाहन बाजार की ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रहा है।

पैसेंजर कारों की बिक्री में थोड़ी गिरावट-जहां यूटिलिटी वाहनों की मांग बढ़ी, वहीं पैसेंजर कारों की बिक्री में 3.8 प्रतिशत की गिरावट आई। फरवरी में पैसेंजर कारों की डीलरशिप डिस्पैच 1,06,799 यूनिट्स रही, जो पिछले साल के 1,10,966 यूनिट्स से कम है। हालांकि, कुल बिक्री पर इसका ज्यादा नकारात्मक असर नहीं पड़ा।

वैन सेगमेंट में मामूली बढ़त-फरवरी में वैन की बिक्री में हल्की बढ़त देखी गई, जो 1.1 प्रतिशत बढ़कर 11,620 यूनिट्स तक पहुंच गई। यह संकेत देता है कि वैन सेगमेंट में मांग धीरे-धीरे स्थिर बनी हुई है, हालांकि यह वृद्धि बहुत बड़ी नहीं है।

टू-व्हीलर बाजार में जबरदस्त उछाल-दो पहिया वाहनों की बिक्री में फरवरी में 35.2 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। कुल बिक्री 18,71,406 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो पिछले साल के 13,84,605 यूनिट्स से काफी ज्यादा है। ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में मांग बढ़ने से टू-व्हीलर कंपनियों को फायदा हुआ।

मोटरसाइकिल और स्कूटर की मांग में वृद्धि-मोटरसाइकिल की बिक्री 30.8 प्रतिशत बढ़कर 10,96,537 यूनिट्स हो गई, जबकि स्कूटर की बिक्री में 42.3 प्रतिशत की और भी ज्यादा तेजी आई। फरवरी में स्कूटर की बिक्री 7,29,774 यूनिट्स तक पहुंची, जो पिछले साल के 5,12,783 यूनिट्स से काफी ऊपर है।

थ्री-व्हीलर की बिक्री में भी तेजी-तीन पहिया वाहनों की बिक्री में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। फरवरी में 74,573 यूनिट्स डीलरों को भेजी गईं, जो पिछले साल के 57,788 यूनिट्स से ज्यादा है। यह दर्शाता है कि छोटे व्यावसायिक वाहनों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

उद्योग में सकारात्मक माहौल, लेकिन पश्चिम एशिया तनाव चिंता का विषय-SIAM के महानिदेशक राजेश मेनन के अनुसार, ऑटो उद्योग में फिलहाल सकारात्मक माहौल है और फरवरी 2026 में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज हुई है। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव सप्लाई चेन और निर्यात के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। उद्योग इस स्थिति पर नजर रखे हुए है और भविष्य की रणनीति बना रहा है।

वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक हालात पर नजर-राजेश मेनन ने बताया कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है, तो इसका असर वाहन निर्माण, कच्चे माल की उपलब्धता और निर्यात पर पड़ सकता है। इसलिए उद्योग सतर्क है और वैश्विक घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना बना रहा है।

फरवरी 2026 में भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने मजबूत प्रदर्शन किया है, खासकर यूटिलिटी और दोपहिया वाहनों के सेगमेंट में। हालांकि, वैश्विक तनाव और सप्लाई चेन की चुनौतियां भविष्य में उद्योग के लिए जोखिम भी पैदा कर सकती हैं। उद्योग को सतर्क रहकर रणनीति बनानी होगी ताकि यह तेजी बनी रहे और बाजार में स्थिरता आए।

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