कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार में भूचाल: ऑयल कंपनियों के शेयर धड़ाम

पश्चिम एशिया के तनाव का असर: भारत के शेयर बाजार में गिरावट और तेल कंपनियों के शेयरों पर दबाव-
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के शेयर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई। बढ़ती लागत और घटते मुनाफे की चिंता ने निवेशकों को बेचैन कर दिया है।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से कंपनियों पर दबाव-मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, जैसे ही कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव बढ़ जाता है। इससे उनके रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन पर असर पड़ता है। यही वजह है कि निवेशक इन कंपनियों के शेयरों से दूरी बना रहे हैं, जिससे कीमतों में तेज गिरावट आई है।
HPCL, BPCL और IOC के शेयरों में भारी गिरावट-Hindustan Petroleum Corporation Ltd के शेयर 7.01% गिरकर 324.80 रुपये पर बंद हुए और दिन में 52 हफ्ते के निचले स्तर तक पहुंच गए। Bharat Petroleum Corporation Ltd के शेयर 5.83% गिरकर 286 रुपये पर आ गए, जबकि Indian Oil Corporation के शेयर 3.91% टूटकर 142.70 रुपये पर बंद हुए। यह गिरावट तेल कंपनियों की बढ़ती लागत को दर्शाती है।
ब्रेंट क्रूड 114 डॉलर के पार, बढ़ी वैश्विक चिंता-अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude Oil की कीमत 6.56% बढ़कर 114.4 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह तेजी तेल आयात करने वाले देशों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई है क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के-तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पूरे शेयर बाजार पर पड़ा। BSE सेंसेक्स 2,496.89 अंक यानी 3.26% गिरकर 74,207.24 पर बंद हुआ। वहीं NSE निफ्टी 775.65 अंक टूटकर 23,002.15 पर आ गया, जो हाल के दिनों की सबसे बड़ी गिरावट में से एक है।
पेंट कंपनियों पर भी पड़ा असर-तेल की कीमतों में वृद्धि का असर पेंट इंडस्ट्री पर भी दिखा। कच्चे माल की लागत बढ़ने से Asian Paints, Kansai Nerolac Paints, Indigo Paints और Berger Paints के शेयरों में गिरावट आई। इससे साफ है कि तेल की बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ ऑयल सेक्टर तक सीमित नहीं रहा।
मिडिल ईस्ट तनाव ने बढ़ाई बाजार में अनिश्चितता-विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। तेल और LNG इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की खबरों ने वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ाई है, जिससे निवेशकों ने तेजी से बिकवाली शुरू कर दी।
तीन दिन की तेजी के बाद अचानक बाजार में गिरावट-भारतीय शेयर बाजार पिछले तीन दिनों से सुधार दिखा रहा था, लेकिन गुरुवार को अचानक 3.3% की गिरावट के साथ बाजार ने अपनी सारी बढ़त गंवा दी। यह दर्शाता है कि वैश्विक हालात का घरेलू बाजार पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है।
आगे बाजार का रुख क्या होगा?-अब निवेशकों की नजरें कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर टिकी हैं। अगर तनाव और बढ़ता है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है। वहीं, स्थिति सामान्य होने पर बाजार में फिर से सुधार की उम्मीद भी जताई जा रही है।
इस तरह पश्चिम एशिया के तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित किया है, जिससे निवेशकों में अस्थिरता बढ़ी है। आने वाले दिनों में वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी होगा।



