Google Analytics Meta Pixel
Business

महंगाई और सप्लाई संकट में भी Unilever को दिखा मौका—भारत बना ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन

महंगाई और सप्लाई संकट के बीच Unilever ने पकड़ी बढ़त: भारत बना सबसे बड़ा विकास का केंद्र-दुनिया भर में सप्लाई चेन की दिक्कतें और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने कई कंपनियों को मुश्किल में डाल दिया है। लेकिन Unilever ने इस चुनौती को अवसर में बदला है। कंपनी के सीईओ फर्नांडो फर्नांडीज का मानना है कि भारत जैसे बड़े बाजार में लोकल कंपनियों की कमी से उन्हें फायदा मिल रहा है और यह उनके लिए विकास का बड़ा इंजन बन गया है।

सप्लाई चेन की दिक्कतों में छुपा अवसर-वैश्विक सप्लाई चेन में आई रुकावटों और पैकेजिंग की बढ़ती लागत ने छोटे और स्थानीय कारोबारों को कमजोर कर दिया है। खासकर भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में कई कंपनियां इन दबावों से जूझ रही हैं। ऐसे में Unilever को अपने प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ाने का मौका मिल रहा है, जिसे कंपनी सकारात्मक संकेत मान रही है।

भारत में पकड़ मजबूत होती जा रही है-2026 की पहली तिमाही में Unilever ने भारत में लॉन्ड्री पाउडर कैटेगरी में अब तक की सबसे बड़ी हिस्सेदारी हासिल की है। इसके साथ ही तेजी से बढ़ते लिक्विड डिटर्जेंट सेगमेंट में भी कंपनी की स्थिति मजबूत हो रही है। यह साफ दिखाता है कि भारतीय बाजार में कंपनी की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।

HUL का शानदार प्रदर्शन जारी-Hindustan Unilever Limited (HUL) ने मार्च तिमाही में 6% वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रदर्शन मजबूत है और आने वाले समय में भी इसी तरह की ग्रोथ की उम्मीद है। यह संकेत देता है कि कंपनी ने बाजार में अपनी पकड़ और भी मजबूत कर ली है।

महंगाई में भी Unilever को फायदा-आम तौर पर महंगाई कंपनियों के लिए चुनौती होती है, लेकिन होम केयर कैटेगरी में यह Unilever के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। कंपनी के पास अलग-अलग कीमतों के प्रोडक्ट हैं, जिससे वह ग्राहकों के बजट के अनुसार विकल्प दे पाती है। वहीं छोटे खिलाड़ी लागत और सप्लाई के दबाव में पीछे छूट रहे हैं।

भारतीय बाजार से उम्मीदें बनी हुई हैं-Unilever का मानना है कि भारत में डिमांड बनी हुई है और आगे भी ग्रोथ जारी रहेगी। सही कीमत और वॉल्यूम के संतुलन के साथ कंपनी अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में सक्षम है। यही वजह है कि कंपनी भारतीय बाजार को लेकर काफी आशावादी नजर आ रही है।

नए ब्रांड और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोर-कंपनी ने बताया कि नए जमाने के ब्रांड्स जैसे Minimalist अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा HUL क्विक कॉमर्स, ई-कॉमर्स और ओमनी-चैनल प्लेटफॉर्म पर तेजी से निवेश कर रही है। FY26 में क्विक कॉमर्स से बिक्री दोगुनी हुई है, जबकि ई-कॉमर्स में 25% की बढ़त दर्ज की गई है।

रिटेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार-HUL ने अपने रिटेल नेटवर्क को भी काफी बढ़ाया है। कंपनी ने करीब 2 लाख नए आउटलेट जोड़े हैं, जिससे कुल आउटलेट्स की संख्या 23 लाख तक पहुंच गई है। इससे कंपनी की पहुंच देश के अधिक हिस्सों तक हो रही है और ग्राहकों तक प्रोडक्ट आसानी से पहुंच पा रहे हैं।

वैश्विक स्तर पर भी मजबूत प्रदर्शन-वैश्विक स्तर पर Unilever का प्रदर्शन भी संतोषजनक रहा है। 2026 की पहली तिमाही में कंपनी ने 12.6 बिलियन यूरो का टर्नओवर दर्ज किया है और वॉल्यूम ग्रोथ 2.9% रही है। यह दिखाता है कि कंपनी ने मुश्किल हालात में भी अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है।

 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button