वेस्ट एशिया तनाव के बीच DGCA का बड़ा अलर्ट: 9 देशों के एयरस्पेस से बचें एयरलाइंस

DGCA की नई एडवाइजरी: वेस्ट एशिया के कुछ देशों के एयरस्पेस से दूरी बनाए रखें, सुरक्षा को प्राथमिकता दें-वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने एयरलाइंस के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में एयरलाइंस को सुरक्षा कारणों से कुछ खास देशों के एयरस्पेस से बचने और आपात स्थिति के लिए मजबूत प्लान तैयार रखने की सलाह दी गई है। आइए विस्तार से समझते हैं इस एडवाइजरी के मुख्य बिंदु।
किन देशों के एयरस्पेस से बचना जरूरी है?-DGCA ने कुल 9 देशों के एयरस्पेस से दूरी बनाए रखने को कहा है। इनमें बहरीन, ईरान, इराक, इज़राइल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इन देशों के ऊपर किसी भी ऊंचाई पर उड़ान भरने से बचने को कहा गया है। यह कदम मौजूदा तनावपूर्ण हालात को देखते हुए यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है।
ओमान और सऊदी अरब के एयरस्पेस के लिए विशेष नियम-जहां DGCA ने कुछ देशों के एयरस्पेस से पूरी तरह बचने को कहा है, वहीं ओमान और सऊदी अरब के लिए सीमित शर्तों के साथ उड़ान की अनुमति दी गई है। इन इलाकों में उड़ान 32,000 फीट (FL 320) से नीचे नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, कुछ खास रूट पॉइंट्स के दक्षिणी हिस्से में अतिरिक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है ताकि विमान संभावित खतरों से सुरक्षित रह सकें।
एयरलाइंस के लिए सुरक्षा तैयारी जरूरी-DGCA ने सिर्फ रूट बदलने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि एयरलाइंस को पूरी तरह तैयार रहने की सलाह दी है। प्रभावित क्षेत्रों में उड़ान जारी रखने वाली एयरलाइंस को अपने रिस्क असेसमेंट के आधार पर निर्णय लेना होगा। साथ ही, जिन एयरपोर्ट्स पर इंटरनेशनल फ्लाइट्स अभी भी चल रही हैं, वहां हर तरह की आपात स्थिति के लिए ठोस प्लान बनाना जरूरी है ताकि किसी भी संकट में तुरंत कार्रवाई हो सके।
एडवाइजरी की अवधि और अपडेट-यह एडवाइजरी तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है और फिलहाल 28 मार्च तक प्रभावी रहेगी। हालात के अनुसार इसमें बदलाव भी किया जा सकता है। DGCA ने एयरलाइंस से कहा है कि वे अपने पायलट और क्रू को लगातार अपडेट रखें, खासकर ‘नोटिस टू एयरमेन’ (NOTAM) के जरिए ताजा जानकारी साझा करें ताकि उड़ान के दौरान किसी भी अनिश्चितता से बचा जा सके।
बढ़ते तनाव का कारण और DGCA की चिंता-DGCA ने बताया है कि हाल ही में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान में सैन्य हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ऐसे माहौल में सिविल एविएशन के लिए जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए DGCA ने यह एडवाइजरी जारी कर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है ताकि किसी भी अप्रत्याशित खतरे से पहले ही बचाव किया जा सके।
DGCA की यह एडवाइजरी वेस्ट एशिया में सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम है। एयरलाइंस को चाहिए कि वे इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखें। साथ ही, लगातार अपडेट रहना और आपात स्थिति के लिए तैयार रहना इस समय बेहद जरूरी है। इससे न केवल यात्रियों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि उड़ान संचालन भी सुरक्षित रहेगा।



