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Politics

असम चुनाव के बाद बढ़ा सियासी तनाव: छापेमारी, हिरासत और पत्थरबाजी से गरमाया माहौल

असम विधानसभा चुनाव के बाद बढ़ा राजनीतिक तनाव: विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप-असम विधानसभा चुनाव के मतदान खत्म होते ही राज्य की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। भाजपा की अगुवाई वाली सरकार पर विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। छापेमारी, हिरासत और मीडिया दफ्तर पर हमले जैसी घटनाओं ने माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं इस विवाद की पूरी कहानी।

AJP अध्यक्ष के घर पुलिस छापेमारी, विपक्ष ने उठाए सवाल-असम जन परिषद (AJP) के अध्यक्ष लुरिन्ज्योति गोगोई के घर पर पुलिस की छापेमारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी नेता चित्तारंजन बसुमातरी ने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस कारण और कानूनी प्रक्रिया के पुलिस ने डिब्रूगढ़ स्थित उनके घर पर कार्रवाई की। विपक्ष इसे डराने-धमकाने की कोशिश मान रहा है।

‘हमले के बजाय हमें निशाना बनाया जा रहा है’-AJP नेताओं का कहना है कि मतदान के दौरान उनके एक कार्यकर्ता पर हमला हुआ था, लेकिन हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बजाय पार्टी अध्यक्ष के घर छापा मारा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के इशारे पर हो रहा है, जिससे विपक्ष दबाव में है।

सोशल मीडिया टीम के सदस्यों की हिरासत, पुलिस की भूमिका पर सवाल-गुवाहाटी से उम्मीदवार कुंकी चौधरी ने बताया कि उनकी सोशल मीडिया टीम के तीन सदस्यों को पानबाजार थाने बुलाकर हिरासत में लिया गया। उन पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। इस कदम ने विपक्ष में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मीडिया दफ्तर पर हमला, बढ़ी राजनीतिक चिंता-लखीमपुर जिले में असमिया अखबार ‘Asomiya Pratidin’ के दफ्तर पर अज्ञात लोगों ने पत्थरबाजी की। यह घटना मतदान खत्म होने के कुछ घंटे बाद हुई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कुछ मीडिया संस्थानों पर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी थी, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का बयान और विवाद-मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया समूह लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मतदान के दिन गायक जुबिन गर्ग की तस्वीर क्यों प्रकाशित की गई। उनके इस बयान ने राजनीतिक विवाद को और हवा दी है।

कांग्रेस का जवाब: ‘यह सरकार की हताशा है’-कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री के बयानों को उनकी हताशा बताया। उन्होंने कहा कि जनता ने इस बार सरकार के खिलाफ वोट किया है, इसलिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि विपक्ष सरकार बनाने की स्थिति में है।

रिकॉर्ड वोटिंग से BJP का बढ़ा आत्मविश्वास-बीजेपी ने रिकॉर्ड 85.91 प्रतिशत मतदान को अपनी जीत का संकेत बताया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि यह जनसमर्थन का प्रमाण है और इस बार NDA को 2021 से भी बड़ा जनादेश मिलने की उम्मीद है।

नतीजों से पहले सियासी घमासान तेज, माहौल गरमाया-मतदान के बाद हुई घटनाओं से साफ है कि नतीजों से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म हो चुका है। विपक्ष आरोप लगा रहा है, तो सत्ताधारी दल जीत का दावा कर रहा है। आने वाले दिन इस सियासी संघर्ष के लिए बेहद अहम साबित होंगे।

असम की राजनीति में इस समय जो विवाद और आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं, वे आने वाले चुनाव नतीजों को लेकर बढ़ती बेचैनी और सियासी जंग की तरफ इशारा करते हैं। जनता की नजरें अब जल्द आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।

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