MBBS रिजल्ट में बड़ा खेल? जबलपुर यूनिवर्सिटी की गड़बड़ी पहुंची हाईकोर्ट, सॉफ्टवेयर पर उठे सवाल

जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी MBBS रिजल्ट विवाद: नंबरिंग में गड़बड़ी ने खोले सिस्टम के कई सवाल-मध्यप्रदेश के जबलपुर मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के MBBS रिजल्ट को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। छात्रों ने नंबरों में गड़बड़ी की शिकायतें कीं, जो इतनी बढ़ गईं कि मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। सुनवाई में सामने आई तकनीकी खामियां पूरे मूल्यांकन सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही हैं।
ई-वैल्यूएशन सॉफ्टवेयर से हुआ मूल्यांकन, लेकिन नंबर उल्टे मिले-कॉपी जांचने के लिए ई-वैल्यूएशन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन डेमो में पता चला कि सही जवाब देने वाले छात्रों को कम अंक मिले, जबकि गलत जवाब देने वालों को ज्यादा नंबर दिए गए। इससे सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल उठ गया।
नंबर देने का आधार नहीं हुआ स्पष्ट-सबसे हैरानी की बात यह रही कि मूल्यांकन के बाद भी यह साफ नहीं हो पाया कि छात्रों को नंबर किस आधार पर दिए गए। इस गड़बड़ी की वजह से कई छात्रों का भविष्य अधर में है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। यह स्थिति छात्रों के लिए बेहद चिंताजनक है।
सॉफ्टवेयर कंपनी पर उठे गंभीर सवाल-मूल्यांकन के लिए माइंडलॉजिक इंफ्राटेक लिमिटेड का सॉफ्टवेयर इस्तेमाल हुआ था। अब इस सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। कोर्ट में पेश डेमो ने तकनीकी खामियों को उजागर किया, जिससे पता चला कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है।
पुनर्मूल्यांकन के बाद भी नहीं मिला संतोषजनक जवाब-छात्रों ने अपनी मार्कशीट का पुनर्मूल्यांकन कराया, लेकिन फिर भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर नाराज होकर सैकड़ों छात्रों ने हाईकोर्ट का रुख किया और निष्पक्ष जांच की मांग की। यह मामला अब न्यायालय की निगरानी में है।
हाईकोर्ट ने सॉफ्टवेयर कंपनी के प्रतिनिधि को तलब किया-मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने सॉफ्टवेयर कंपनी के प्रतिनिधि को तलब किया है। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। जल्द ही इस विवाद पर बड़ा फैसला आने की उम्मीद है।
इस विवाद ने जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी के मूल्यांकन सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का भविष्य दांव पर है और न्याय मिलने तक यह मामला सुर्खियों में बना रहेगा।



