संविधान पर सियासी घमासान: Rahul Gandhi का RSS-BJP पर बड़ा हमला, ‘Run for Constitution’ से दिया संदेश

अंबेडकर जयंती से पहले राहुल गांधी का बड़ा बयान: संविधान और बराबरी पर छिड़ी नई बहस-अंबेडकर जयंती के मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर से राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने संविधान और समानता को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर कड़ा हमला बोला है। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और देश में संविधान की अहमियत पर नई बहस शुरू कर दी है। आइए विस्तार से जानते हैं राहुल गांधी के इस बयान और उससे जुड़ी घटनाओं के बारे में।
राहुल गांधी का बड़ा आरोप: संविधान खत्म करने की कोशिश-राहुल गांधी ने रविवार को मंडी हाउस से ‘Run for Ambedkar, Run for Constitution’ मैराथन को हरी झंडी दिखाने से पहले बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला किया। उनका कहना था कि ये संगठन संविधान को खत्म करना चाहते हैं क्योंकि वे देश के हर नागरिक को बराबरी का हक नहीं देना चाहते। उन्होंने साफ कहा कि संविधान ही भारत की असली पहचान है और इसके बिना आज का भारत संभव नहीं होता। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल में गर्माहट बढ़ गई है।
अंबेडकर के विचारों को बताया देश की नींव-अपने संबोधन में राहुल गांधी ने बी. आर. अंबेडकर के विचारों को देश की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर जी का सबसे बड़ा संदेश संविधान है, जो हर व्यक्ति को बराबरी और अधिकार देता है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आज कुछ ताकतें इन मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। इसलिए जरूरी है कि संविधान की सोच और उसकी अहमियत लोगों तक पहुंचे ताकि समाज में समानता और न्याय कायम रहे।
‘Run for Constitution’ का मकसद क्या है?-राहुल गांधी ने बताया कि इस मैराथन का उद्देश्य सिर्फ दौड़ना नहीं है, बल्कि एक बड़ा संदेश देना है। यह आयोजन संविधान की रक्षा का संदेश देश के हर कोने तक पहुंचाने के लिए किया गया है। कांग्रेस का लक्ष्य है कि लोग संविधान के महत्व को समझें और उसे मजबूत करने के लिए एकजुट हों। इस पहल के जरिए युवाओं और आम जनता को जोड़कर सामाजिक न्याय और समानता की भावना को मजबूत किया जा रहा है।
RSS-BJP पर फिर साधा निशाना-राहुल गांधी ने अपने भाषण में फिर से आरएसएस और बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये लोग दिखावे के लिए अंबेडकर जी की मूर्ति के सामने सिर झुकाते हैं, लेकिन असल में उनके विचारों को खत्म करना चाहते हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इनका एजेंडा संविधान को कमजोर करना है। वहीं, कांग्रेस का मकसद संविधान की रक्षा करना और उसे और मजबूत बनाना है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।
सोशल मीडिया पर भी दिया संदेश-राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए भी इस कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि यह दौड़ बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों और भारतीय संविधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जब संवैधानिक मूल्यों पर खतरा मंडरा रहा है, तब हर नागरिक को एकजुट होकर अन्याय और भेदभाव के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने अपने संदेश में ‘जय भीम, जय संविधान, जय हिंद’ का नारा भी दिया।
अंबेडकर जयंती का महत्व और आयोजन-हर साल 14 अप्रैल को मनाई जाने वाली अंबेडकर जयंती देश के महान नेता बी. आर. अंबेडकर की जयंती होती है। इस दिन देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस के एससी और ओबीसी विभाग ने लखनऊ के इंदिरा भवन में ज्योतिबा राव फुले की जयंती भी मनाई। इन आयोजनों का मकसद समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना होता है।
आज़हरुद्दीन ने भी किया समर्थन, एकता पर दिया जोर-इस कार्यक्रम में पूर्व क्रिकेट कप्तान और तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद आज़हरुद्दीन भी शामिल हुए। उन्होंने इस पहल की सराहना की और कहा कि ‘Run for Ambedkar, Run for Constitution’ जैसे अभियान पूरे देश में होने चाहिए। उन्होंने इसे एक सकारात्मक कदम बताया और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखना चाहिए। साथ ही उन्होंने देश में एकता बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि देश तभी आगे बढ़ सकता है जब लोग मिलकर साथ चलें।



