Google Analytics Meta Pixel
Politics

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घमासान, AIADMK ने स्पीकर से कहा- बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर न करें

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घमासान, AIADMK ने स्पीकर से कहा- बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर न करें-तमिलनाडु की सियासत में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। AIADMK के एडप्पादी के पलानीस्वामी नेतृत्व वाले गुट ने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि पार्टी छोड़कर सत्ताधारी TVK में शामिल हुए तीन बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार न किए जाएं। पार्टी का आरोप है कि ये विधायक पहले ही TVK का साथ दे रहे थे और 13 मई को हुए विश्वास मत में सरकार के पक्ष में वोट भी दिया था। अब यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर गरमाया हुआ है।

स्पीकर के सामने AIADMK की कड़ी आप-त्ति-AIADMK के वरिष्ठ नेता और पार्टी व्हिप एग्री एसएस कृष्णमूर्ति तथा राज्यसभा सांसद आईएस इनबदुरई ने विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मुलाकात कर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पार्टी ने पहले ही 25 विधायकों के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है, जो अभी विचाराधीन है। ऐसे में जिन विधायकों पर कार्रवाई लंबित है, उनके इस्तीफे स्वीकार करना नियमों के खिलाफ होगा। AIADMK का आरोप है कि बागी विधायक कार्रवाई से बचने के लिए इस्तीफा देकर पीछे से निकलना चाहते हैं।

TVK में शामिल होने पर उठे सवाल-AIADMK नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस्तीफा देने के कुछ ही मिनटों में तीनों विधायकों को TVK की सदस्यता दे दी गई। उन्हें तुरंत “लैमिनेटेड सदस्यता कार्ड” भी सौंपे गए। पार्टी ने सवाल उठाया है कि क्या विधानसभा सचिवालय अब TVK का मुख्यालय बन गया है। उनका मानना है कि अगर सरकार ऐसे इस्तीफों को बढ़ावा देती रही, तो राज्य में विधायकों की खरीद-फरोख्त यानी हॉर्स ट्रेडिंग और बढ़ेगी, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।

मुख्यमंत्री विजय पर भी निशाना साधा गया-AIADMK नेताओं ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय पर भी तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान साफ-सुथरी राजनीति का दावा करने वाली सरकार अब सत्ता बचाने के लिए राजनीतिक जोड़तोड़ में लगी है। AIADMK का आरोप है कि सरकार पीछे के रास्ते से अपनी ताकत बढ़ा रही है। नेताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए खराब संकेत बताया और कहा कि जिस तेजी से विधायकों को अपने पक्ष में किया जा रहा है, वह घोड़े की रफ्तार से हो रही हॉर्स ट्रेडिंग जैसी है।

दल-बदल कानून पर बढ़ी कानूनी बहस-AIADMK के वकील विंग से जुड़े नेताओं का कहना है कि जब किसी विधायक के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग हो, तो वह इस्तीफा देकर बच नहीं सकता। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस्तीफे की आधिकारिक अधिसूचना से पहले ही विधायक TVK नेताओं और मंत्रियों से मिल रहे थे। यह पूरा घटनाक्रम पहले से तय राजनीतिक योजना जैसा दिख रहा है। इस मामले ने तमिलनाडु की राजनीति में कानूनी और संवैधानिक बहस को और तेज कर दिया है।

चौथे विधायक के इस्तीफे से बढ़ी हलचल-राजनीतिक संकट तब और गहरा गया जब AIADMK विधायक एसाक्की सुबाया ने भी विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया। दो दिनों में चार विधायकों के इस्तीफे ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी है कि वह इन इस्तीफों को मंजूर करते हैं या पहले दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई करते हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा तमिलनाडु की राजनीति में और बड़ा विवाद बन सकता है।

 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button