ममता बनर्जी की वकालत पर उठा सवाल, BCI ने मांगी रिपोर्ट

ममता बनर्जी की वकालत पर उठा बड़ा सवाल, BCI ने मांगी रिपोर्ट
ममता बनर्जी की कोर्ट में एंट्री पर विवाद, Bar Council of India ने मांगी पूरी जानकारी-ममता बनर्जी फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार उनकी राजनीति नहीं बल्कि कोर्ट में मौजूदगी को लेकर। Bar Council of India ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से ममता के वकील के तौर पर नामांकन और पेशेवर स्थिति की 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। मामला तब उठा जब ममता वकीलों की ड्रेस पहनकर Calcutta High Court पहुंचीं, जिससे उनकी कानूनी पात्रता पर सवाल खड़े हो गए।
ममता बनर्जी की कोर्ट में वकील की ड्रेस में मौजूदगी-गुरुवार को ममता बनर्जी को सफेद बैंड और काले गाउन में हाई कोर्ट में देखा गया। यह उनकी मौजूदगी चर्चा का विषय बनी क्योंकि सवाल उठे कि क्या मुख्यमंत्री रहते हुए वे सक्रिय रूप से वकालत कर सकती हैं। भारतीय कानून के मुताबिक संवैधानिक पद पर रहने वाले को बार लाइसेंस निलंबित करना होता है, फिर उसे सक्रिय कराना पड़ता है। इसी वजह से BCI ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से पूरा रिकॉर्ड मांगा है।
BCI ने मांगी नामांकन और प्रैक्टिस की पूरी जानकारी-Bar Council of India ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल को निर्देश दिया है कि वे 2 दिनों में ममता के एडवोकेट के रूप में नामांकन, लाइसेंस और प्रैक्टिस से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध कराएं। खासकर 2011 से 2026 तक मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी प्रैक्टिस की स्थिति क्या थी, क्या उनका लाइसेंस सस्पेंड हुआ था और कब बहाल किया गया, इसकी जानकारी मांगी गई है।
BCI ने कहा- अभी कोई राय नहीं, सिर्फ जांच जारी-BCI ने साफ किया है कि फिलहाल वे इस मामले में कोई कानूनी राय नहीं दे रहे हैं, बल्कि सिर्फ तथ्यों की जांच कर रहे हैं। 2011 से 2026 तक ममता के मुख्यमंत्री पद पर रहने के दौरान उनके वकालत लाइसेंस की स्थिति देखी जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल यह प्रक्रिया तथ्य जुटाने तक सीमित है।
राजनीतिक और कानूनी हलकों में बढ़ी चर्चा-ममता की कोर्ट में मौजूदगी के बाद राजनीतिक और कानूनी गलियारों में बहस तेज हो गई है। कुछ इसे उनका कानूनी अधिकार मानते हैं, तो कुछ कहते हैं कि नियमों का पालन जरूरी है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा गर्माया है। समर्थक कहते हैं बिना पूरी जानकारी के निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। अब सबकी नजर पश्चिम बंगाल बार काउंसिल की रिपोर्ट पर टिकी है।
पोस्ट-पोल हिंसा मामले से जुड़ा विवाद-ममता जिस मामले में कोर्ट पहुंचीं, वह चुनाव बाद हिंसा और पार्टी कार्यालयों पर हमलों से जुड़ा है। पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं। इस केस में उनकी मौजूदगी ने मामला और चर्चित बना दिया है। अब यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया और बार काउंसिल के नियमों से जुड़ा मामला बन गया है। आने वाले दिनों में नए अपडेट आ सकते हैं।



