NEET पेपर लीक पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग

राहुल गांधी ने कहा- 22 लाख छात्रों की मेहनत बर्बाद, BJP-RSS गठजोड़ ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया-NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कड़ी निंदा की है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि वे तुरंत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं या खुद इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लें। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि BJP और RSS के गठजोड़ ने देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह कमजोर कर दिया है और लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।
22 लाख छात्रों की मेहनत पर पानी-राहुल गांधी ने एक वीडियो बयान में कहा कि पूरे देश को पता था कि NEET परीक्षा से दो दिन पहले ही प्रश्नपत्र व्हाट्सऐप पर वायरल हो रहा था। इसके बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि 22 लाख छात्रों ने दिन-रात मेहनत की, लेकिन पेपर लीक ने उनकी मेहनत को बेकार कर दिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में जिम्मेदारी से बच रही है और छात्रों के भविष्य को गंभीरता से नहीं ले रही।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना-कांग्रेस सांसद ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि मंत्री ने संसदीय समिति की सिफारिशों को नजरअंदाज किया, जो पहले ही परीक्षा व्यवस्था सुधार के सुझाव दे चुकी थी। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते और सरकार को तुरंत कार्रवाई कर दोषियों को सजा देनी चाहिए ताकि छात्रों का भरोसा वापस आए।
BJP-RSS गठजोड़ ने शिक्षा व्यवस्था को किया कमजोर-राहुल गांधी ने कहा कि देश की यूनिवर्सिटी और शिक्षा संस्थानों में एक खास विचारधारा के लोगों को बैठाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति और बड़े पदों पर नियुक्तियों में योग्यता से ज्यादा विचारधारा को तवज्जो दी जा रही है। यही वजह है कि बार-बार परीक्षा पेपर लीक जैसी घटनाएं हो रही हैं, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
सोशल मीडिया पर भी मोदी सरकार पर हमला-राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि 22 लाख NEET अभ्यर्थियों के साथ विश्वासघात हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया कि इस मामले पर अब तक उन्होंने कोई बयान क्यों नहीं दिया। राहुल गांधी ने कहा कि अगर सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है तो तुरंत धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए। इस बयान के बाद NEET विवाद सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में आ गया।
सरकार ने दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान-वहीं दूसरी ओर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि NEET-UG की दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने यह भी बताया कि अगले साल से NEET परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराई जाएगी ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
CBI जांच और कार्रवाई का भरोसा-सरकार ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी है। अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि चाहे दोषी अंदर का हो या बाहर का, किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। हालांकि विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है और छात्रों के बीच चिंता बनी हुई है।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता-NEET परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद लाखों छात्र और उनके परिवार तनाव में हैं। कई छात्र मानसिक दबाव में हैं क्योंकि उन्हें फिर से तैयारी करनी पड़ रही है। अभिभावकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। अब सभी की नजर CBI जांच और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है।



